बलिया। बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों की भावुक प्रतिक्रिया ने सभी का ध्यान खींचा। इसी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और उमाशंकर सिंह के समधी दिनेश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया है। उन्होंने उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन लोगों पर भी निशाना साधा, जो कथित तौर पर उनकी संपत्ति और कमाई का हिसाब-किताब तलाश रहे थे।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि जिन लोगों ने उमाशंकर सिंह की कठिन परिस्थितियों में उनके लॉकर, बैंक अकाउंट और इनकम को देखकर उनकी कमाई का आकलन करने की कोशिश की, उन्हें बलिया के लाखों लोगों की आंखों में आए आंसुओं और उनके दिलों में उमड़े भाव को भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शायद उमाशंकर सिंह की असली कमाई यही थी, जिसे किसी लॉकर में तलाशा जा रहा था।
प्लीज पोस्ट के साथ दिनेश प्रताप सिंह ने अपनी और उमाशंकर सिंह की एक तस्वीर भी साझा की है।
उन्होंने उमाशंकर सिंह के अंतिम सफर का जिक्र करते हुए कहा कि पूर्वांचल की जनता ने दलीय और जातीय सीमाओं से ऊपर उठकर उन्हें अंतिम विदाई दी। राजनीतिक भेदभाव से परे बड़ी संख्या में लोग सड़क के किनारे खड़े होकर नम आंखों से अपने नेता को विदाई देते नजर आए।
मंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि पूर्वांचल की जनता ने करीब 100 किलोमीटर तक सड़क के किनारे खड़े होकर सिर झुकाकर और नम आंखों से जो भाव व्यक्त किए, वह अपने आप में बहुत कुछ कह गए। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपने तरीके से “सच-सच” सब कुछ कह दिया, लेकिन उसे सुनने वाला अब मौजूद नहीं है। दिनेश प्रताप सिंह ने पोस्ट के अंत में उमाशंकर सिंह को भावुक अंदाज में विदाई देते हुए लिखा, “अलविदा उमाशंकर जी। थैंक्यू बलिया।”
उमाशंकर सिंह के निधन के बाद उनके अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ और लोगों की भावुक विदाई ने उनके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। तीन बार के विधायक रहे उमाशंकर सिंह को अंतिम विदाई देने बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।






