कक्षा में गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी शिक्षण के लिए शिक्षकों की बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शैक्षिक सत्र 2026-27 में प्रदेश के शिक्षकों को जरूरी अकादमिक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए 3.81 करोड़ रुपये से अधिक की लिमिट जारी की गई है। इसके तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में कक्षा 1 से 5 तक हिंदी और गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों को संदर्शिका और शिक्षक डायरी उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये की अलग लिमिट जारी की गई है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को पाठ की तैयारी, शिक्षण गतिविधियों की योजना और कक्षा में प्रभावी प्रस्तुतीकरण के लिए व्यवस्थित अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, समग्र शिक्षा की ओर से कक्षा 1 से 5 तक हिंदी और गणित विषय की संदर्शिका एवं शिक्षक डायरी के मुद्रण और आपूर्ति के लिए प्रदेश के 75 जिलों को 338.54 लाख रुपये की लिमिट जारी की गई है। इसमें संदर्शिका के मुद्रण के लिए 172.35 लाख रुपये, शिक्षक डायरी के लिए 152.91 लाख रुपये और मुद्रित सामग्री के परिवहन के लिए 13.27 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं।संदर्शिका शिक्षकों को पाठ्यपुस्तक की विषयवस्तु को बच्चों के स्तर के अनुरूप समझाने, शिक्षण गतिविधियों की योजना बनाने और पाठ को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद करेगी। वहीं शिक्षक डायरी के माध्यम से शिक्षक अपनी दैनिक एवं साप्ताहिक शिक्षण गतिविधियों और कक्षा की कार्ययोजना को व्यवस्थित कर सकेंगे।
कक्षा 6 से 8 तक के परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एलईपी मद में 42.61 लाख रुपये की अलग लिमिट जारी की गई है। इससे उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों को विषय और कक्षा की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शैक्षिक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे। सरकार का उद्देश्य शिक्षण को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित रखने के बजाय शिक्षकों को पाठ की तैयारी, प्रस्तुतीकरण और कक्षा-कक्ष की गतिविधियों के लिए आवश्यक अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराना है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने संदर्शिका और शिक्षक डायरी की छपाई, आपूर्ति और विद्यालय स्तर तक वितरण की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जोर इस बात पर है कि शिक्षकों को शैक्षिक सत्र के दौरान आवश्यक सामग्री के लिए इंतजार न करना पड़े। निर्देशों के अनुसार सामग्री की आपूर्ति पूरी होने के बाद ही निर्धारित वित्तीय नियमों के तहत भुगतान किया जाएगा। साथ ही जारी धनराशि का उपयोग निर्धारित मद में ही करने, भुगतान के दौरान पीएफएमएस कंपोनेंट कोड का पालन करने तथा संबंधित बिल, वाउचर और अन्य अभिलेख सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि शिक्षण गुणवत्ता की मजबूत नींव शिक्षक की बेहतर तैयारी से तैयार होती है।
संदर्शिका और शिक्षक डायरी के माध्यम से शिक्षक पाठ को बच्चों के सीखने के स्तर और जरूरतों के अनुसार पहले से बेहतर तरीके से तैयार कर सकेंगे। इससे कक्षा में विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने, विषय को सरल तरीके से समझाने और शिक्षण गतिविधियों को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षकों को उपलब्ध कराए जा रहे इन संसाधनों का सीधा प्रभाव कक्षा-कक्ष में दिखाई दे और बच्चों को सीखने के अधिक प्रभावी अवसर मिलें।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि बेहतर कक्षा की शुरुआत बेहतर तैयारी से होती है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षक को पाठ की तैयारी से लेकर प्रभावी शिक्षण तक हर स्तर पर जरूरी शैक्षिक सहयोग मिले। संदर्शिका और शिक्षक डायरी इसी शिक्षक-केंद्रित व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।






