लखनऊ, 12 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस से पहले उत्तर प्रदेश में युवाओं की रचनात्मक प्रतिभा और अभिव्यक्ति को मंच देने के लिए ‘रंग दे बसंती’ अभियान शुरू किया गया है। अभियान के तहत बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय के पास आयोजित ग्रैफिटी वॉल कार्यक्रम में कलाकारों और युवाओं ने पेंटिंग के जरिए बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर पेश की। भित्ति चित्रों में वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की चुनौतियों से लेकर मौजूदा समय में कानून-व्यवस्था, मेट्रो, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को रंगों के माध्यम से दर्शाया गया।
कार्यक्रम में युवा कलाकारों ने लाइव पेंटिंग के जरिए अपने विचारों को सामने रखा। युवा चित्रकार मनीष सरोज की कलाकृति में 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की चुनौतियों और उसके बाद हुए बदलाव को चित्रित किया गया। कलाकारों ने अपनी पेंटिंग में सुरक्षा, बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं के लिए बदलते माहौल जैसे विषयों को प्रमुखता दी।
लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र रंजीत ने कहा कि ‘रंग दे बसंती’ के जरिए युवा कला के माध्यम से प्रदेश में हुए बदलाव का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भित्ति चित्रों में मेट्रो, बेहतर सड़कें, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा जैसे मुद्दों को जगह दी गई है। युवाओं का प्रयास है कि रंगों और कला के जरिए लोगों को बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर दिखाई जाए।
अभियान में शामिल छात्र अमन शुक्ला ने कहा कि युवाओं को अपनी समस्याओं और मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन विरोध की आड़ में हिंसा, दंगा या उपद्रव नहीं होना चाहिए। ‘रंग दे बसंती’ अभियान के जरिए युवाओं को संवाद, कला और संगीत जैसे रचनात्मक माध्यमों से अपनी आवाज उठाने का संदेश दिया जा रहा है। ‘बंदूक की जगह ब्रश, डर की जगह डायलॉग’ अभियान की प्रमुख अवधारणा है। इसके तहत दीवारों को केवल पेंटिंग का माध्यम न बनाकर सामाजिक संवाद और युवा अभिव्यक्ति का मंच बनाया जा रहा है। 11 से 14 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में कविता, कला, संगीत, संवाद और डिजिटल अभिव्यक्ति के जरिए युवाओं को अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है।
अभियान के तहत 13 अगस्त को मुजफ्फरनगर में कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान सांप्रदायिक सद्भाव पर आधारित कॉमिक का वितरण किया जाएगा और स्कूलों में युवाओं के साथ संवाद होगा। वहीं, 14 अगस्त को अभियान का गीत ‘डर से आजादी’ लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ रैप, संगीत और डिजिटल कला के कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित यह अभियान युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और कला के माध्यम से सामाजिक संवाद को बढ़ावा देने का प्रयास है।






