बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल ने अपने करियर के उस दौर को लेकर खुलकर बात की है, जब लगातार सफल फिल्मों के बावजूद उन्हें मनमाफिक प्रोजेक्ट नहीं मिल रहे थे। हाल ही में शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान सनी देओल ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव, फिल्म इंडस्ट्री में आए बदलाव, आर्थिक मुश्किलों और जुहू स्थित अपने बंगले से जुड़े ई-ऑक्शन विवाद पर भी बात की।
सनी देओल के मुताबिक, 2000 के दशक की शुरुआत में उनकी कई फिल्मों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उनके करियर की दिशा बदलने लगी। साल 2001 में रिलीज हुई ‘गदर: एक प्रेम कथा’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की थी। फिल्म की टक्कर आमिर खान की ‘लगान’ से हुई थी, लेकिन सनी देओल का दावा है कि उनकी फिल्मों का कारोबार उस दौर की कई बड़ी फिल्मों से काफी अधिक रहा था।
‘गदर’ और ‘इंडियन’ की सफलता के बाद भी नहीं मिला मनमाफिक काम
सनी देओल ने बातचीत में कहा कि ‘गदर’ के साथ उनकी फिल्म ‘इंडियन’ भी आई थी और दोनों फिल्मों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बावजूद इंडस्ट्री में परिस्थितियां तेजी से बदल रही थीं। उनके मुताबिक, इसी दौर में बॉलीवुड में कॉर्पोरेट कल्चर का प्रभाव बढ़ने लगा और फिल्मों के निर्माण तथा काम करने का तरीका बदल गया।सनी ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि इतनी बड़ी हिट फिल्में देने के बावजूद उन्हें अच्छे निर्माता और मजबूत कहानियां क्यों नहीं मिल रही थीं। उनके मुताबिक, एक कलाकार के लिए यह दौर काफी निराशाजनक था।
‘जो बोले सो निहाल’ विवाद ने बढ़ाई मुश्किल
अभिनेता ने 2005 में रिलीज हुई फिल्म ‘जो बोले सो निहाल’ से जुड़े विवाद को भी याद किया। राहुल रवैल के निर्देशन में बनी इस फिल्म को सिख समुदाय के एक वर्ग के विरोध का सामना करना पड़ा था। सनी के अनुसार, विवाद और राजनीतिक परिस्थितियों के कारण फिल्म को सिनेमाघरों से हटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि कलाकारों का काम मनोरंजन करना है और फिल्मों को अनावश्यक राजनीति का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।
फिल्म प्रोडक्शन में हुआ आर्थिक नुकसान
सनी देओल ने बताया कि अभिनय के साथ निर्देशन और प्रोडक्शन में उतरने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। लगातार फिल्मों के प्रदर्शन और प्रोडक्शन से जुड़े खर्चों के बीच उन पर कर्ज बढ़ता गया।2023 में ‘गदर 2’ की बड़ी सफलता के बाद उनके जुहू स्थित बंगले ‘सनी विला’ को लेकर ई-ऑक्शन नोटिस भी सामने आया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 55.99 करोड़ रुपये की बकाया राशि और ब्याज का मामला था। हालांकि बाद में भुगतान को लेकर सहमति बनने के बाद नोटिस वापस ले लिया गया।
‘मैं सिर्फ पैसों के लिए काम नहीं कर सकता’
सनी देओल ने साफ कहा कि पैसा उनके करियर के फैसलों का सबसे बड़ा आधार कभी नहीं रहा। उन्होंने कहा कि कठिन आर्थिक दौर में भी उन्होंने खुद को खुश रखने की कोशिश की और जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीया।उनका कहना है कि वह केवल पैसे के लिए फिल्में नहीं कर सकते। उनके लिए कहानी, काम और व्यक्तिगत संतुष्टि ज्यादा मायने रखती है।
‘गदर 2’ ने बदली कहानी
साल 2023 में रिलीज हुई ‘गदर 2’ ने सनी देओल के करियर को एक बार फिर नई ऊंचाई दी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल की और अभिनेता की लोकप्रियता को नई पीढ़ी के दर्शकों तक भी पहुंचाया।सनी देओल की कहानी बॉलीवुड में सफलता और असफलता के बदलते दौर की मिसाल है। एक समय जब उन्हें अच्छे प्रोजेक्ट के लिए संघर्ष करना पड़ा, वहीं ‘गदर 2’ ने साबित किया कि दर्शकों के बीच उनकी पकड़ आज भी मजबूत है।