बालों पर हर महीने 25 हजार रुपये खर्च करती हैं अमेरिकी अटॉर्नी, बोलीं- मैं अपना समय खरीद रही हूं
हर पांचवें दिन जाती हैं सैलून
मैडी ने शुरुआत में सप्ताह में एक बार ब्लोआउट करवाना शुरू किया था। धीरे-धीरे यह उनकी नियमित दिनचर्या बन गया और अब वह लगभग हर पांचवें दिन सैलून जाती हैं।
उनके मुताबिक, एक सैलून अपॉइंटमेंट में करीब 45 मिनट से एक घंटे का समय लगता है। वहीं, घर पर बाल धोने, सुखाने और स्टाइल करने में करीब दो घंटे लग सकते हैं। ऐसे में वह सैलून पर खर्च होने वाले पैसे को समय की बचत के तौर पर देखती हैं।
पहले 99 डॉलर से शुरू हुआ था खर्च
मैडी ने शुरुआत में 99 डॉलर की मासिक सदस्यता ली थी, जिसमें दो ब्लोआउट शामिल थे। अतिरिक्त अपॉइंटमेंट के साथ उनका मासिक खर्च बढ़ता गया और एक समय यह टैक्स व टिप से पहले करीब 315 डॉलर तक पहुंच गया।
बाद में उन्होंने 12 ब्लोआउट का 565 डॉलर वाला पैकेज लिया, जिससे उनका औसत मासिक खर्च करीब 282 डॉलर रह गया।
सैलून में भी करती हैं काम
मैडी के लिए सैलून जाने का समय पूरी तरह खाली नहीं जाता। वह वहां बैठकर ईमेल का जवाब देने, वीडियो एडिट करने और अपना शेड्यूल तैयार करने जैसे काम करती हैं।
उनका मानना है कि अच्छी तरह तैयार महसूस करने से उनका आत्मविश्वास और काम पर ध्यान बेहतर रहता है। इसी वजह से वह इस खर्च को अपने लिए एक सुविधा और समय बचाने वाले विकल्प के रूप में देखती हैं।
बालों को लंबे समय तक बनाए रखने की कोशिश
ब्लोआउट को ज्यादा समय तक बनाए रखने के लिए मैडी बालों को गीला होने से बचाती हैं और शावर कैप का इस्तेमाल करती हैं। जरूरत पड़ने पर ड्राई शैम्पू और थोड़े हेयर ऑयल से बालों को दोबारा सेट करती हैं।
क्यों चर्चा में है यह कहानी?
मैडी की कहानी सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसलिए चर्चा का विषय बनी है क्योंकि वह अपने हेयर केयर पर होने वाले खर्च को सुंदर दिखने से ज्यादा समय बचाने और सुविधा से जोड़ती हैं। उनके मुताबिक, दूसरों के लिए जहां यह महंगा लग सकता है, वहीं उनके लिए यह व्यस्त जिंदगी को व्यवस्थित रखने का एक तरीका है।