ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में विकास की एक नई तस्वीर तैयार करने की कवायद शुरू हो गई है। ग्रेटर नोएडा के दुजाना गांव को ‘मॉडल सोलर विलेज’ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। बिसरख ब्लॉक के इस गांव में सौर ऊर्जा को रोजमर्रा की जरूरतों से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जाएगा।योजना के तहत गांव के घरों और सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाने हैं। इसके अलावा गलियों और सार्वजनिक स्थानों को सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशन करने की तैयारी है। इससे गांव में बिजली की खपत और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
घरों की छतों पर लगेंगे सोलर पैनल
दुजाना गांव में प्रस्तावित परियोजना का सबसे अहम हिस्सा रूफटॉप सोलर सिस्टम होगा। घरों के साथ सरकारी भवनों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन किया जा सके।यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आगे बढ़ाई जा रही है। योजना का उद्देश्य सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और बिजली से जुड़े खर्च को कम करने की दिशा में काम करना है।गांव में सोलर पैनल लगने के बाद कई भवन अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद सौर ऊर्जा के माध्यम से पूरा कर सकेंगे।
रात में सोलर स्ट्रीट लाइट से रोशन होंगी गलियां
दुजाना को मॉडल सोलर विलेज बनाने की योजना में गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों को भी शामिल किया गया है। यहां सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की तैयारी है।इससे रात के समय गांव की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी। साथ ही पारंपरिक बिजली से चलने वाली स्ट्रीट लाइट पर होने वाले खर्च को भी कम किया जा सकेगा।
दूध, आटा और तेल के लिए भी सौर ऊर्जा
इस परियोजना को केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया है। गांव में सौर ऊर्जा से संचालित दूध ठंडा करने की मशीन, आटा चक्की और तेल निकालने की यूनिट स्थापित करने की योजना भी है।दूध ठंडा करने की सुविधा से गांव के पशुपालकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं आटा चक्की और तेल निकालने की यूनिट स्थानीय लोगों के लिए छोटे स्तर पर कारोबार और रोजगार का माध्यम बन सकती हैं।इस तरह सौर ऊर्जा का इस्तेमाल घरेलू बिजली के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी किया जाएगा।
गांव में रोजगार और कमाई के नए अवसर
अधिकारियों का मानना है कि सौर ऊर्जा आधारित इन सुविधाओं से ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम में सहूलियत मिलेगी। इसके साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।यानी दुजाना को मॉडल सोलर विलेज बनाने की योजना का लक्ष्य सिर्फ गांव को सोलर लाइट से रोशन करना नहीं है, बल्कि ऊर्जा बचत, स्थानीय कारोबार और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को एक साथ आगे बढ़ाना है।
डीएम ने प्रक्रिया जल्द पूरी करने के दिए निर्देश
दुजाना गांव को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की विस्तृत योजना जिला प्रशासन के सामने रखी जा चुकी है। इसके बाद जिलाधिकारी मेधा रूपम ने संबंधित विभागों को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गांव में सोलर पैनल, स्ट्रीट लाइट और सौर ऊर्जा आधारित अन्य सुविधाओं की स्थापना का काम शुरू किया जाएगा।अगर यह परियोजना तय योजना के मुताबिक जमीन पर उतरती है, तो दुजाना गांव उत्तर प्रदेश में सौर ऊर्जा आधारित ग्रामीण विकास का मॉडल बन सकता है। इससे न केवल बिजली की बचत होगी, बल्कि गांव की स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।