26 अगस्त को 80-90 हजार लोगों की भीड़ की संभावना, पश्चिमी जोन 5 जोन और 23 सेक्टरों में विभाजित; ड्रोन-CCTV से होगी रियल टाइम निगरानी
लखनऊ। बारावफात के मौके पर 26 अगस्त को लखनऊ में निकलने वाले जुलूस-ए-मदहे सहाबा को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने की तैयारी की है। करीब 80 से 90 हजार लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए पूरे जुलूस मार्ग पर भारी पुलिस बल के साथ पीएसी, आरआरएफ, एटीएस, क्यूआरटी और घुड़सवार पुलिस की तैनाती की गई है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही यातायात को लेकर भी विशेष प्लान तैयार किया है। संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस की लगातार निगरानी रहेगी।
झंडे वाला पार्क से शुरू होगा जुलूस

चांद दिखने के बाद 26 अगस्त को बारावफात के अवसर पर जुलूस-ए-मदहे सहाबा बुधवार सुबह 10 बजे झंडे वाला पार्क से शुरू होगा।
करीब 6 किलोमीटर लंबे जुलूस का मार्ग मौलवीगंज, गंगा प्रसाद रोड, रकाबगंज चौराहा, नादान महल रोड, नखास, बिल्लौचपुरा, बाजारखाला और हैदरगंज तिराहा होते हुए ऐशबाग ईदगाह तक रहेगा। जुलूस के शाम करीब 4 बजे ऐशबाग ईदगाह पहुंचने की संभावना है।
5 जोन और 23 सेक्टरों में बांटा गया पश्चिमी जोन
भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पूरे पश्चिमी जोन को 5 जोन और 23 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। हर जोन और सेक्टर में पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, जिससे किसी भी स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
57 राजपत्रित और 2989 अराजपत्रित पुलिसकर्मी तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के लिए कुल 57 राजपत्रित अधिकारियों और 2989 अराजपत्रित पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें 3 डीसीपी, 16 एडीसीपी और 38 एसीपी शामिल हैं।
इसके अलावा बड़ी संख्या में अतिरिक्त सुरक्षा बल को भी जुलूस के रूट पर तैनात किया गया है।
PAC, RRF और ATS समेत QRT रहेगी मुस्तैद

सुरक्षा व्यवस्था में 11 कंपनियां पीएसी, 2 कंपनियां आरआरएफ और एक एटीएस टीम तैनात रहेगी। इसके साथ ही 6 क्यूआरटी और 4 महिला क्यूआरटी को भी लगाया गया है।
एलआईयू की टीम भी लगातार इनपुट जुटाएगी। किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए 36 क्लस्टर मोबाइल और 10 घुड़सवार पुलिस टीमें भी सक्रिय रहेंगी।
ड्रोन और CCTV से होगी पूरे रूट की निगरानी
जुलूस के प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए रियल टाइम निगरानी की जाएगी। पुलिस की टीमें लगातार पूरे रूट पर नजर रखेंगी, ताकि भीड़ के बीच किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तत्काल पता लगाया जा सके।
संवेदनशील इलाकों में रूट मार्च और फ्लैग मार्च
सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी द्वारा रूट मार्च और फ्लैग मार्च किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दंगा नियंत्रण योजना का पूर्वाभ्यास भी कराया है।
सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर होगी कार्रवाई
जुलूस के दौरान सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी पुलिस की विशेष नजर रहेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने, भ्रामक सूचना या भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी। संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने जनता से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और सोशल मीडिया पर उसे साझा करने से बचें।
ट्रैफिक को लेकर विशेष डायवर्जन प्लान
जुलूस के चलते शहर में यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन व्यवस्था तैयार की है। जुलूस के रूट और आसपास के प्रमुख मार्गों पर जरूरत के अनुसार यातायात को डायवर्ट किया जाएगा।
बबलू कुमार ने जनता से यह भी अपील की हैं कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करें।
संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को दें सूचना
संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है।
80-90 हजार की संभावित भीड़ और संवेदनशील रूट को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तक बहुस्तरीय इंतजाम किए हैं।
