मलिहाबाद, कठौली और नादरगंज में मिठाई निर्माण इकाइयों पर छापेमारी
लखनऊ। रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री एवं निर्माण पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने लखनऊ में बड़ी कार्रवाई की। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी लखनऊ के निर्देश पर मंगलवार और बुधवार को मलिहाबाद, कठौली और नादरगंज क्षेत्र में विभिन्न मिष्ठान निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया गया।
कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कुल 26 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। वहीं करीब 4 लाख 62 हजार 240 रुपये मूल्य की संदिग्ध खाद्य सामग्री सीज की गई। इसके अलावा लगभग 50 हजार रुपये कीमत का सड़ा-गला और दूषित खाद्य पदार्थ मौके पर ही नष्ट कराया गया।
कठौली में निर्माण इकाई में मिलीं गंभीर खामियां

मंगलवार को विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने बनिया खेड़ा, कठौली स्थित मैसर्स आकृति गृह उद्योग का निरीक्षण किया। टीम को मौके पर सूजी पेड़ा, लाल पेड़ा, सूजी हलवा, सूजी बर्फी और कलाकंद समेत विभिन्न मिठाइयों का निर्माण होता मिला।
निरीक्षण के दौरान परिसर में स्वच्छता संबंधी कई अनियमितताएं सामने आईं। निर्माण स्थल की दीवारों और टिनशेड के बीच खुला स्थान मिला। जालियां और पर्दे नहीं लगे होने के कारण मक्खियों और कीट-पतंगों के प्रवेश की आशंका पाई गई।
इसके अलावा चीनी, रिफाइंड पामोलीन ऑयल और तैयार मिठाइयां पैलेट्स के बजाय फर्श पर खुले डिब्बों में रखी मिलीं।
500 लीटर एसएमपी-चीनी का घोल और एक कुंतल मिठाई नष्ट
टीम को परिसर में लगभग 500 लीटर एसएमपी-चीनी का घोल मक्खियों और बाहरी पदार्थों से दूषित मिला। इसके साथ ही करीब एक कुंतल दूषित मिठाई, जिसकी अनुमानित कीमत 15 हजार रुपये बताई गई, मौके पर ही नष्ट कराई गई।
टीम ने लाल पेड़ा, सूजी पेड़ा, कलाकंद, सूजी बर्फी, सूजी हलवा, एसएमपी, रिफाइंड पामोलीन ऑयल और चीनी समेत कुल 9 नमूने जांच के लिए लिए।
मलिहाबाद में करीब 10 कुंतल मिठाई मिली
बुधवार को विशेष सूचना के आधार पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रहीमाबाद क्षेत्र में रमेश तिवारी के आवासीय परिसर में संचालित मिठाई निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। जानकारी के मुताबिक यहां तैयार मिठाइयों की बिक्री रहीमाबाद चौराहे स्थित मिठाई की दुकान से की जाती है।
निरीक्षण के दौरान परिसर में करीब 10 कुंतल विभिन्न प्रकार की मिठाइयां मिलीं। मिलावट की आशंका के चलते टीम ने काला जाम, बेसन लड्डू, बर्फी, वर्कयुक्त बर्फी, रसगुल्ला, गोंद का लड्डू और अनरसा समेत 7 नमूने जांच के लिए लिए।
वहीं खराब और दूषित हो चुकी करीब 50 किलोग्राम मिल्क केक/बर्फी, जिसकी अनुमानित कीमत 15 हजार रुपये थी, खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा मौके पर ही नष्ट कराई गई।
नादरगंज में 4.62 लाख की खाद्य सामग्री सीज
नादरगंज के एन्सीलरी क्षेत्र स्थित प्लॉट नंबर एन-12 में संचालित मैसर्स श्याम उद्योग का भी टीम ने औचक निरीक्षण किया। यहां साफ-सफाई में कमी के साथ एफएसएस एक्ट के अनुरूप आवश्यक विधिक दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध नहीं मिले। पैकेजिंग एवं डिस्प्ले नियमों का अनुपालन भी नहीं पाया गया।
टीम ने मिल्क केक, कलाकंद, डोडा बर्फी, देसी घी, रिफाइंड सोयाबीन तेल, एसएमपी, सिट्रिक एसिड, वनस्पति और काजू बर्फी समेत कुल 10 नमूने लिए।
एसएमपी और घी समेत लाखों की सामग्री सीज
जांच के दौरान संदेह के आधार पर टीम ने बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री सीज की। इसमें गोपागिरी ब्रांड की एसएमपी के 5 बैग, कुल 121 किलोग्राम, कीमत 53,240 रुपये, टुडे ब्रांड की 528 किलोग्राम एसएमपी, कीमत 3,28,600 रुपये और टुडे ब्रांड का 134 किलोग्राम घी, कीमत 80,400 रुपये शामिल है।
इस तरह कुल 4,62,240 रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री सीज कर उसे खाद्य कारोबारकर्ता की अभिरक्षा में दिया गया।
इसके अलावा खराब अवस्था में मिली करीब 50 किलोग्राम मिल्क केक और मूंगफली दाना मौके पर ही नष्ट कराया गया।
सभी 26 नमूने प्रयोगशाला भेजे जाएंगे
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार अभियान के दौरान एकत्र किए गए सभी 26 खाद्य नमूनों को राजकीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य पदार्थों में मिलावट, असुरक्षा या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रक्षाबंधन को लेकर खाद्य विभाग की सख्ती
रक्षाबंधन पर्व पर मिठाइयों की मांग बढ़ने के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई को मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग की ओर से साफ किया गया है कि मिलावटी, दूषित और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के निर्माण एवं बिक्री पर प्रभावी रोकथाम के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
