लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, तकनीक आधारित और जलवायु अनुकूल बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश विविधीकृत कृषि सहायता परियोजना (UP-DASP) के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने गूगल, नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी, ITC और एक्वा ब्रिज के साथ समझौता ज्ञापन (MOU) किया है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इन संस्थाओं के साथ साझेदारी से प्रदेश में कृषि उत्पादकता, किसानों की आय और कृषि के भविष्य को नई दिशा मिलेगी। सरकार का लक्ष्य कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय किसानों को आधुनिक कृषि अर्थव्यवस्था का सक्रिय भागीदार बनाना है।
करीब 4 हजार करोड़ रुपये की परियोजना से 28 जिलों को लाभ
मुख्यमंत्री के मुताबिक करीब 4,000 करोड़ रुपये की UP-DASP परियोजना का फोकस पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड समेत प्रदेश के 28 जिलों के 123 विकासखंडों पर है।परियोजना के माध्यम से करीब 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र के 10 लाख किसानों, 35 हजार उत्पादकों और लगभग 3 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।सरकार का जोर कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को बेहतर बाजार, तकनीक और आधुनिक कृषि सेवाओं से जोड़ने पर है।
2026 में 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि सुधार का लक्ष्य
परियोजना के तहत वर्ष 2026 में करीब 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा रबी 2026-27 में गेहूं, मटर, चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए भी 1.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को लक्षित किया गया है।इस पहल का उद्देश्य बेहतर तकनीक, कृषि सलाह और आधुनिक पद्धतियों के जरिए प्रति हेक्टेयर उत्पादन में सुधार करना है।
गूगल के सहयोग से बनेगा Open Network for Agriculture
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि गूगल और नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी के सहयोग से Open Network for Agriculture विकसित किया जा रहा है।
इसके जरिए किसानों को एक ही इंटरफेस पर कई महत्वपूर्ण कृषि सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें—
- मौसम की जानकारी
- बाजार मूल्य
- मृदा संबंधी जानकारी
- कृषि विशेषज्ञों की सलाह
- एग्रीटेक सेवाएं
जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इससे किसानों को खेती से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने में तकनीकी सहायता मिलने की उम्मीद है।
‘उत्पादकता से समृद्धि और फ्यूचर इकोनॉमी’ की ओर यूपी
मुख्यमंत्री ने कहा कि UP-DASP का उद्देश्य प्रदेश की कृषि को उत्पादकता से समृद्धि और फ्यूचर इकोनॉमी की ओर ले जाना है। इसके तहत उत्पादन बढ़ाने के साथ जलवायु अनुकूल खेती, वैल्यू एडिशन और ग्रामीण उद्यमिता को मजबूत किया जाएगा।सरकार की कोशिश है कि किसान केवल कृषि उत्पाद का उत्पादन करने वाला व्यक्ति न रहे, बल्कि पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में उसकी भागीदारी बढ़े।
उन्नाव में 60 एकड़ में Integrated Aquaculture Project
परियोजना के तहत उन्नाव में करीब 60 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड एक्वाकल्चर परियोजना भी प्रस्तावित है। इसमें हैचरी, सेट मैन्युफैक्चरिंग, प्रोसेसिंग सुविधा और प्रशिक्षण केंद्र विकसित किए जाने की योजना है।इससे मत्स्य और संबंधित गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नोएडा एयरपोर्ट के पास मेगा फूड पार्क और एग्री एक्सपोर्ट सेंटर
कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास मेगा फूड पार्क और एग्री एक्सपोर्ट सेंटर प्रस्तावित किया गया है।इससे किसानों के उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन और बाजार तक पहुंच को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है। सरकार का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि अर्थव्यवस्था का ‘Prosperity Partner’ बनाना है।नई साझेदारियों के जरिए कृषि क्षेत्र में तकनीक, निवेश, प्रसंस्करण, बाजार और प्रशिक्षण को एक साथ जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और किसानों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में श्रम मंत्री अनिल राजभर, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र पंधारी यादव, विश्व बैंक के अनूपपुर जगबानी, गूगल के सिद्धार्थ प्रकाश, एक्वा ब्रिज के मोहम्मद ताबिश, नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी की राधा किझनटटम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
