गोरखपुर, 27 अगस्त। भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने गुरुवार को गोरखपुर के माथाबारी गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों, युवाओं और ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। कार्यक्रम में 50 से अधिक गांवों से आए विद्यार्थी और ग्रामीण शामिल हुए। उन्होंने रामाश्रय ग्राम विकास केंद्र और सरस्वती गुरुकुल का भ्रमण कर ग्रामीण शिक्षा, युवा आकांक्षाओं, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रयासों की जानकारी ली।
दौरे के दौरान वायु सेना प्रमुख ने ग्रामीण बालिकाओं के लिए स्थापित डिजिटल लाइब्रेरी ‘वाग्देवी-ज्ञानवर्धन केन्द्र’ का उद्घाटन किया। यह केंद्र ग्रामीण बेटियों को आधुनिक डिजिटल संसाधनों, पुस्तकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के ज्ञान, प्रतिभा, आत्मविश्वास और संभावनाओं को नई उड़ान देना है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं होना चाहिए। शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, जिम्मेदारी, मजबूत चरित्र और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी विकसित होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से तकनीकी रूप से दक्ष बनने के साथ मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और आने वाली पीढ़ी को इसके साथ कदम मिलाकर चलना होगा। हालांकि तकनीकी दक्षता के साथ मजबूत चरित्र और मानवीय मूल्यों का होना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से जेन अल्फा के बच्चों और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
वायु सेना प्रमुख ने युवाओं को जीवन में बड़ा सपना देखने और उसके लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए सही रणनीति बनाकर अनुशासन और निरंतर प्रयास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। कठिन परिस्थितियों में भी अपने संकल्प से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने ‘एक सपना, एक लक्ष्य, एक प्रतिबद्धता और एक उद्देश्यपूर्ण जीवन’ को सफलता का मंत्र बताया।
सरस्वती गुरुकुल के विद्यार्थियों ने शिक्षा, नेतृत्व, जीवन, राष्ट्रसेवा और भविष्य से जुड़े कई सवाल वायु सेना प्रमुख के सामने रखे। एयर चीफ मार्शल ने बच्चों के सवालों का सहज और रोचक अंदाज में जवाब दिया। इस संवाद ने विद्यार्थियों को जटिल विषयों को सरल तरीके से समझने के साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।
वायु सेना प्रमुख ने रामाश्रय ग्राम विकास केंद्र में ग्रामीण शिक्षा, स्वास्थ्य, डिजिटल साक्षरता और महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली। केंद्र में बैंकिंग सुविधा, सुरक्षित पेयजल, सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं और निःशुल्क दवाएं, कक्षा सात तक का विद्यालय, डिजिटल एवं पुस्तकालय सुविधाएं, कंप्यूटर केंद्र और महिलाओं के कौशल एवं आत्मनिर्भरता से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने केंद्र की कार्यशैली और ग्रामीण समुदाय के उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वास्तविक ग्रामीण विकास तभी संभव है, जब बच्चों, युवाओं, महिलाओं और पूरे समुदाय को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हों। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने भी विद्यार्थियों और ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्होंने जीवन के उद्देश्य और उसकी सार्थकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि केवल जन्म लेना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण यह है कि व्यक्ति अपने जीवन को किस उद्देश्य के साथ जीता है और समाज एवं राष्ट्र के लिए क्या योगदान देता है। उन्होंने शहीद-ए-आजम भगत सिंह के जीवन का उदाहरण देते हुए युवाओं से अपनी प्रतिभा, ज्ञान और ऊर्जा को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न रखने तथा समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में गोरखपुर मंडल के कमिश्नर इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी पुलिस राम कुमार, जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने भी क्षेत्रवासियों के साथ संवाद स्थापित कर प्रशासन और जनता के बीच बेहतर समन्वय और संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया। वायु सेना प्रमुख का माथाबारी दौरा महज औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा। विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ उनके संवाद ने शिक्षा, अनुशासन, चरित्र निर्माण, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया। वहीं ‘वाग्देवी-ज्ञानवर्धन केन्द्र’ का शुभारंभ ग्रामीण बालिकाओं को डिजिटल शिक्षा और आधुनिक ज्ञान से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। कार्यक्रम का मूल संदेश रहा कि बड़ा सपना देखा जाए, स्पष्ट लक्ष्य तय किया जाए और पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ते हुए अपने ज्ञान, प्रतिभा और ऊर्जा से समाज व राष्ट्र के लिए जीवन को सार्थक बनाया जाए।
