गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के 341 गांवों में जल जीवन मिशन के तहत जलार्पण किया जाएगा। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की ओर से पूरी हो चुकी पेयजल योजनाएं ग्रामीणों को समर्पित की जाएंगी। जलार्पण के बाद इन गांवों में घर-घर नल के जरिए नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू होगी।जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में हर घर जल योजना को लेकर लगातार प्रगति हुई है। अब तक 18,878 गांवों में जलार्पण किया जा चुका है, जबकि 28,385 गांवों का सर्टिफिकेशन पूरा हो चुका है। वहीं 38,281 गांव हर घर जल योजना के तहत रिपोर्टेड हो चुके हैं।जलार्पण उस चरण को कहा जाता है, जब गांव की पेयजल योजना पूरी होने के बाद घरों तक नल कनेक्शन के जरिए जलापूर्ति की व्यवस्था तैयार हो जाती है और योजना को ग्रामीणों को समर्पित किया जाता है।
विभाग का फोकस केवल योजनाओं को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संचालन, रखरखाव और गुणवत्तापूर्ण नियमित जलापूर्ति पर भी है।जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि गांधी जयंती पर 341 गांवों में होने वाला जलार्पण ग्रामीण जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि घर में नल से पानी पहुंचने से महिलाओं और बेटियों का समय और श्रम बचता है और ग्रामीण परिवारों को सुविधाएं मिलती हैं।
वहीं, जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि जलार्पण के बाद योजनाओं का बेहतर संचालन, रखरखाव और नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होगी।इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की मरम्मत के लिए रोड रेस्टोरेशन अभियान भी जारी है।जिन गांवों में सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, वहां ग्रामीण जल सारथी ऐप के माध्यम से फोटो और वीडियो अपलोड कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
