वृंदावन: वृंदावन के चर्चित संत प्रेमानंद महाराज से जुड़ा विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। उनके आश्रम से जुड़े शिष्य रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत के बाद परिवार की ओर से जांच की मांग किए जाने के बीच भोजपुरी अभिनेत्री रह चुकीं प्रियंका पंडित ने प्रेमानंद महाराज के समर्थन में एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
प्रियंका पंडित ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक महिला कथावाचक प्रेमानंद महाराज के पक्ष में अपनी बात रखती नजर आ रही हैं। कथावाचक वीडियो में संत के आध्यात्मिक योगदान का जिक्र करते हुए कहती हैं कि लोगों को ‘किशोरी जी’ के नाम से जोड़ने में प्रेमानंद महाराज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
वीडियो में क्या कहा गया?
वीडियो में प्रेमानंद महाराज के समर्थन में कहा गया कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, किसी संत के आध्यात्मिक कार्य को केवल आरोपों या विवादों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसके लिए सूरज और बादल का उदाहरण दिया गया। कहा गया कि कुछ समय के लिए सूरज के सामने बादल आ जाने से उसकी रोशनी या उसका तेज खत्म नहीं होता। बादल हटने के बाद सूरज का प्रकाश फिर दिखाई देता है।कथावाचक ने यह भी कहा कि कुछ लोगों के सवाल उठाने से प्रेमानंद महाराज द्वारा लोगों को राधा नाम का जाप करने के लिए प्रेरित करने की भूमिका खत्म नहीं हो जाती। वीडियो में यह दावा भी किया गया कि महाराज ने लोगों से खुद को फॉलो करने की बात नहीं कही, बल्कि ‘किशोरी जी’ को फॉलो करने की बात कही।प्रियंका पंडित के इस वीडियो शेयर करने के बाद सोशल मीडिया पर इसे प्रेमानंद महाराज के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है।
कौन हैं प्रियंका पंडित?
प्रियंका पंडित भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर चुकी हैं। बाद में उन्होंने ग्लैमर की दुनिया से दूरी बनाकर आध्यात्मिक जीवन की ओर रुख किया। वह वृंदावन में रह रही हैं और प्रेमानंद महाराज को अपना गुरु मानती हैं। ऐसे में आश्रम से जुड़े विवाद के बीच उनका समर्थन में वीडियो शेयर करना चर्चा का विषय बन गया है।
कौन थे रसिक दुलारी शरण?
रसिक दुलारी शरण का वास्तविक नाम दीपक लोधी बताया जाता है। वह मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले बताए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब दो साल पहले वह वृंदावन पहुंचे थे और प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद आश्रम से जुड़ गए थे। इसके बाद वह वाराह घाट इलाके में स्थित गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग में रहने लगे।उनकी मौत के बाद परिवार की ओर से मामले की जांच की मांग की गई है। मौत की परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन सवालों के बीच किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के आधिकारिक निष्कर्षों का इंतजार जरूरी है।
जांच के नतीजों पर टिकी नजर
प्रेमानंद महाराज के समर्थन में सामने आया यह वीडियो ऐसे समय में आया है जब रसिक दुलारी की मौत को लेकर चर्चा जारी है। एक तरफ समर्थक संत की आध्यात्मिक भूमिका और उनके अनुयायियों पर प्रभाव का हवाला दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के जवाब जांच से मिलने की उम्मीद है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि रसिक दुलारी के साथ आखिर क्या हुआ था और उनकी मौत की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं? मामले में जांच पूरी होने और सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।
