अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का धरना-प्रदर्शन 17वें दिन भी जारी रहा, यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से नाराज छात्रों ने बुधवार को विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार बाब-ए-सैयद गेट को बंद कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, छात्र छात्रसंघ चुनाव की बहाली के साथ-साथ प्रॉक्टर नावेद खान के कथित व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जता रहे हैं, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
17 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र
छात्रों के मुताबिक, छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर पिछले 17 दिनों से धरना चल रहा है, छात्र यासिर फहद इसी मांग को लेकर 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं, प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि इतने लंबे समय से भूख हड़ताल के बावजूद कुलपति ने अब तक उनसे मुलाकात नहीं की है, इसी को लेकर बुधवार को छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। बड़ी संख्या में छात्र बाब-ए-सैयद गेट पर पहुंचे और गेट बंद कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सवाल उठाया कि देश की कई बड़ी यूनिवर्सिटियों में छात्रसंघ चुनाव कराए जाते हैं, तो फिर एएमयू में चुनाव क्यों नहीं हो सकते, छात्रों ने प्रॉक्टर के रवैये पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि छात्रों और शिक्षकों से जुड़े मामलों को कैंपस स्तर पर सुलझाने के बजाय कई बार पुलिस को विश्वविद्यालय परिसर में बुलाया जाता है, प्रदर्शनकारियों ने सवाल किया कि जब जेएनयू समेत दूसरी यूनिवर्सिटियों में छात्रसंघ चुनाव हो सकते हैं, तो एएमयू में चुनाव कराने में क्या परेशानी है।
Also Read – बिहार NDA में सब कुछ ठीक? उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के विधायक माधव आनंद का बड़ा बयान
छात्राओं ने भी प्रदर्शन में लिया हिस्सा
छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन में छात्राओं ने भी हिस्सा लिया, छात्राओं ने कुलपति की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक छात्र पिछले 17 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठा है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उसकी स्थिति देखने के लिए आगे आना चाहिए, छात्राओं ने कहा कि उन्हें छात्रसंघ और चुनाव दोनों चाहिए, उनका आरोप है कि छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय पुलिस को बुलाने का रास्ता अपनाया जाता है।
चुनाव की तारीख घोषित होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
प्रदर्शनकारी छात्रों ने साफ किया है कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा, छात्रों का कहना है कि जब तक छात्रसंघ चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया जाता और प्रॉक्टर के कथित व्यवहार को लेकर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा, फिलहाल 17 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के बीच बाब-ए-सैयद गेट बंद किए जाने के बाद एएमयू परिसर में छात्रसंघ चुनाव को लेकर विवाद और तेज हो गया है।
