चुनावी माहौल में छठ पर्व की सियासी चमक
बिहार में एक ओर जहां चुनावी सरगर्मी तेज है, वहीं दूसरी ओर आस्था का महापर्व छठ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इसी दौरान एक अप्रत्याशित मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है — मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के घर पहुंचे।
छठ व्रत के मौके पर पहुंचें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
जानकारी के अनुसार, चिराग पासवान के आवास पर उनकी बुआ छठ व्रत कर रही थीं। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे। इस धार्मिक मुलाकात ने अचानक राजनीतिक रंग ले लिया, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ वर्षों से मतभेद की खबरें सामने आती रही हैं।
पहले रहे थे रिश्ते तनावपूर्ण
गौरतलब है कि चिराग पासवान ने बीते दिनों कई मौकों पर नीतीश सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था,
“बिहार में पुलिस प्रशासन अपराधियों के आगे नतमस्तक है, और मुझे दुख है कि मैं ऐसी सरकार का समर्थन कर रहा हूं।”
ऐसे में नीतीश कुमार का चिराग के घर जाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
एनडीए में एकजुटता का संकेत?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात एनडीए में एकजुटता और सामंजस्य का संदेश देती है। चुनावी माहौल में दोनों नेताओं के बीच यह निकटता आने वाले गठबंधन समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रिश्तों में आई नरमी का संकेत
छठ पर्व के मौके पर हुई यह मुलाकात नीतीश और चिराग के रिश्तों में आई नरमी और संवाद की नई शुरुआत का प्रतीक मानी जा रही है। बिहार की सियासत में यह दृश्य बताता है कि धार्मिक अवसर अब राजनीतिक मेलजोल के नए मंच बनते जा रहे हैं।



