मुख्यमंत्री की पहल के बावजूद महिलाओं पर हमला, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शुरू किए गए “मिशन शक्ति-5” अभियान के बीच राजधानी लखनऊ में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
मड़ियांव क्षेत्र स्थित एल्डिको सिटी के कुटीर अपार्टमेंट में 23 अक्टूबर 2025 को हुई वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया। एक भाई और बहन पर दर्जनभर लोगों ने कमरे में घुसकर बेरहमी से हमला किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हमलावरों की हैवानियत साफ दिख रही है।
कमरे में घुसकर भाई-बहन पर हमला
जानकारी के मुताबिक, एल्डिको सिटी के कुटीर अपार्टमेंट में रहने वाले शिवम चौरसिया और उनकी बहन शालू चौरसिया पर 23 अक्टूबर की रात करीब दर्जनभर लोगों ने हमला कर दिया।
हमलावरों ने कमरे में घुसकर लात-घूंसों और थप्पड़ों से दोनों की बेरहमी से पिटाई की और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
वायरल वीडियो के बाद भी पीड़ित पक्ष को एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर लगाने पड़े। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बजाय मामले को टालने में जुटी रही।
यह सवाल उठाता है कि जब राजधानी में इस तरह की घटनाओं में पुलिस इतनी लापरवाह है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
पीड़िता का आरोप — थाने के चक्कर लगाने के बाद हुई कार्रवाई
पीड़िता शालू चौरसिया का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद मड़ियांव पुलिस ने तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने बताया कि कई दिनों तक थाने के चक्कर लगाने के बाद आखिरकार मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, जबकि अन्य की तलाश अभी जारी है।
इंस्पेक्टर का दावा — मुकदमा दर्ज, तीन गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी मड़ियांव थाना प्रभारी शिवानंद मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर के आधार पर रमन सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच की जा रही है।
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पर भी आरोप
पीड़ित परिवार का आरोप है कि अपार्टमेंट के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पिछले दो महीने से लगातार अभद्र व्यवहार कर रहे थे। 23 अक्टूबर को पार्किंग विवाद के बहाने उन्होंने अपने साथियों के साथ हमला करवाया। पीड़ित शिवम चौरसिया ने कहा कि यह हमला पहले से रची गई साजिश का हिस्सा था।
सवालों के घेरे में मिशन शक्ति की हकीकत
जहां एक ओर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए मिशन शक्ति-5 जैसे अभियानों को लागू कर रही है, वहीं दूसरी ओर राजधानी में ही महिलाओं पर हमले और पुलिस की लापरवाही इन अभियानों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है।



