एक बार फिर “जय भीम” के नारों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई खुलकर सामने आ गई… एक बार फिर भाईचारे के दावे करने वाले ही हैवानियत पर उतर आए… और हैरानी की बात ये कि जब दलित परिवार पर आफत आई, तब ना कोई संगठन नजर आया, ना कोई बड़ा चेहरा—मौके पर पहुंची तो सिर्फ पुलिस। संभल के मदाला गांव की ये घटना सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि उस सच की तस्वीर है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है…उत्तर प्रदेश के संभल जिले के मदाला गांव में एक दलित परिवार की खुशियां उस वक्त दहशत में बदल गईं, जब दूसरे समुदाय के कुछ युवकों ने डीजे पर डांस कर रही महिलाओं के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। विरोध करने पर युवकों ने नोएडा से आए मेहमानों के साथ मारपीट की और पत्थरबाजी शुरू कर दी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी राजू के घर शादी का कार्यक्रम चल रहा था।

घर की महिलाएं डीजे पर डांस कर रही थीं, तभी गांव के ही ताहिर, अरकान और फुरकान वहां पहुंचे और महिलाओं के साथ बदसलूकी करने लगे। नोएडा से आए मेहमान सुरेंद्र सिंह ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। वीडियो में आरोपी खुलेआम पत्थर फेंकते और मारपीट करते नजर आ रहे हैं। सूचना मिलते ही असमोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दो सगे भाइयों समेत चार आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। असमोली थाना प्रभारी मोहित चौधरी के मुताबिक, मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और वायरल वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।






