महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का हमला, बोले– ‘धोखे का काला दस्तावेज’
केंद्र सरकार आज गुरुवार (16 अप्रैल) को महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक संसद में पेश करने जा रही है, इस प्रस्तावित बिल को लेकर सियासी माहौल गरमाता नजर आ रहा है, क्योंकि विपक्ष के कई दल इसके विरोध की तैयारी में हैं, खासतौर पर परिसीमन से जुड़े प्रावधानों को लेकर, इसी बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस बिल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए महिला आरक्षण बिल को “धोखे का काला दस्तावेज” बताया।
अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह बिल बीजेपी और उसके सहयोगियों की “खुफिया योजना” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पिछड़े और दलित समाज की महिलाओं को कमजोर करना है, उन्होंने आरोप लगाया कि इसके जरिए महिलाओं को वास्तविक जन प्रतिनिधित्व से वंचित रखने की साजिश रची जा रही है।
उन्होंने आगे कहा कि यह विधेयक “वर्चस्ववादी सोच” का परिणाम है और महिलाओं के प्रति शोषणकारी तथा दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है उनके मुताबिक, महिला आरक्षण बिल “जनविरोधी जुमला” से ज्यादा कुछ नहीं है।
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‘जागरूक महिलाएं नहीं आएंगी बहकावे में’
अखिलेश यादव ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश की जागरूक महिलाएं इस बार ऐसे किसी बहकावे में नहीं आएंगी, उन्होंने दावा किया कि यह बिल बीजेपी की “कुटिल राजनीति” को उजागर करेगा।
बीजेपी पर साधा निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपने “एक्सपायरी डेट” के अंतिम महीनों में है, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जैसे-जैसे बीजेपी का विरोध बढ़ेगा, वैसे-वैसे इस तरह के और बिल लाए जाएंगे, जिनका मकसद समाज के विभिन्न वर्गों की एकता को तोड़ना है।





