उत्तराखंड में ‘नारी सम्मान’ के मुद्दे पर एक दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाए जाने की तैयारी तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने जानकारी दी कि इस विशेष सत्र के आयोजन का प्रस्ताव महामहिम राज्यपाल को अनुमोदन के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही विधानसभा सचिवालय आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सत्र का मुख्य विषय ‘नारी सम्मान, लोकतंत्र में अधिकार’ होगा, जिस पर सदन के सभी सदस्य अपने विचार रखेंगे। सत्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए 26 अप्रैल को सुरक्षा समीक्षा बैठक और 27 अप्रैल को कार्यमंत्रणा समिति व सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है।
महिला आरक्षण के मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर उस समय सभी दल एकजुट नजर आए थे। लेकिन जब 2026 में 131वें संविधान संशोधन के जरिए महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया, तब विपक्ष ने जाति और धर्म के मुद्दे उठाकर राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया।
ऋतु खंडूरी ने कहा कि यह रुख महिलाओं के प्रति विपक्ष की नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही बिल को अपेक्षित समर्थन नहीं मिला हो, लेकिन देश की महिलाएं निराश नहीं हैं।
उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलेगा। उन्होंने कहा, “हमारी उड़ान कुछ समय के लिए रुकी है, लेकिन हमें विश्वास है कि यह फिर से गति पकड़ेगी और देश की महिलाएं नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगी।”






