बिहार विधानसभा में नई सरकार ने बहुमत साबित कर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने फ्लोर टेस्ट पास करते हुए विश्वास मत हासिल कर लिया। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हुआ।मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी पहली बार विधानसभा पहुंचे। सदन में पहुंचने पर एनडीए विधायकों ने उनका स्वागत किया। इसे बिहार में नए नेतृत्व की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
विश्वास मत के दौरान एनडीए के सभी सहयोगी दल एकजुट नजर आए। सत्ता पक्ष के सभी विधायकों ने सरकार के समर्थन में मतदान किया, जिससे बहुमत आसानी से मिल गया।सदन में अपने संबोधन के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि उनकी सरकार बिहार के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य को नई दिशा देने के लिए काम करेगी।
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सम्राट चौधरी ने यह भी कहा कि सत्ता किसी की निजी संपत्ति नहीं होती, बल्कि जनता के आशीर्वाद से जिम्मेदारी मिलती है। उन्होंने नीतीश कुमार, अमित शाह और अपने सहयोगी दलों का आभार भी जताया।वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की, लेकिन संख्या बल कम होने के कारण उनकी रणनीति सफल नहीं हो सकी।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा सरकार में कई नेता अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आए हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए सत्ता पक्ष के नेताओं के पुराने राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया।इस बार नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विधानसभा नहीं पहुंचे, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा रही।विश्वास मत जीतने के बाद अब नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को पूरा करना और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि सम्राट चौधरी सरकार बिहार में कितनी तेजी से फैसले लेती है और जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।





