Home Uttar Pradesh 2017 से पहले चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार ने बनाया...

2017 से पहले चयन प्रक्रियाओं में भेदभाव, बेईमानी और भ्रष्टाचार ने बनाया राज्य को बीमारू-सीएम योगी

17
0

लखनऊ: लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से चयनित 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) और 252 दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जो देश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया का एक बड़ा रिकॉर्ड है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी करीब डेढ़ लाख सरकारी भर्तियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस दौरान उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है, जिसके तहत गड़बड़ी करने वालों को आजीवन कारावास और संपत्ति जब्ती जैसी कठोर सजा का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी युवा के सपनों का टूटना केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं होता, बल्कि यह पूरे परिवार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर असर डालता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार, भेदभाव और अनियमितताओं से प्रभावित रहती थीं, जिसके चलते अक्सर न्यायालयों को हस्तक्षेप करना पड़ता था। अब स्थिति बदल चुकी है और भर्तियां पारदर्शी तरीके से हो रही हैं।

उन्होंने बताया कि 2017 के बाद पुलिस विभाग में 2.2 लाख से अधिक भर्तियां की जा चुकी हैं और विभिन्न चयन आयोगों के माध्यम से बड़ी संख्या में नियुक्तियां जारी हैं। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती करेगा, जबकि लोक सेवा आयोग और शिक्षा चयन आयोग भी हजारों पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करेंगे।

सीएम योगी ने औषधि और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में सुधार का जिक्र करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में केवल पांच प्रयोगशालाएं थीं, लेकिन अब उनकी संख्या बढ़कर 18 हो गई है। जांच क्षमता भी कई गुना बढ़ी है, जिससे दवाओं और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की बेहतर निगरानी हो रही है। नए कनिष्ठ विश्लेषकों की नियुक्ति से यह व्यवस्था और मजबूत होगी, वहीं खाद्य विश्लेषकों के सैकड़ों पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी जल्द पूरी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और पारदर्शी सिस्टम के कारण निवेश का माहौल मजबूत हुआ है और हाल ही में फार्मा सेक्टर में कई निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए समाज को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी और इसकी शुरुआत स्वयं से करनी होगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here