प्रयागराज में “रक्षा त्रिवेणी संगम” थीम पर आयोजित नॉर्थ टेक सिम्पोजियम (NTS) 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब लड़ाई केवल जल, थल और नभ तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि साइबर, स्पेस, डेटा नेटवर्क और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम तक फैल चुकी है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में कीबोर्ड, सैटेलाइट और डेटा भी उतने ही महत्वपूर्ण हथियार बन चुके हैं, जितने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्र। दुश्मन के कम्युनिकेशन नेटवर्क, पावर ग्रिड, जीपीएस और बैंकिंग सिस्टम को बाधित करना तथा अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना नई युद्ध रणनीति का अहम हिस्सा है।
सीएम योगी ने भारतीय सैनिकों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि सियाचिन की कड़ाके की ठंड, रेगिस्तान की तपिश, घने जंगलों या समुद्र और आकाश की चुनौतियों के बीच भी हमारे जवान हर परिस्थिति में मुस्तैद रहते हैं, जिससे देश सुरक्षित रहता है।
उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि भारत का रक्षा निर्यात पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। पहले जहां यह लगभग 600 करोड़ रुपये था, वहीं अब देश 38 हजार से 50 हजार करोड़ रुपये तक के रक्षा उत्पाद निर्यात करने की क्षमता रखता है।
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, अलीगढ़ और चित्रकूट में विकसित किए जा रहे नोड्स पर 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर रहे हैं। अलीगढ़ छोटे हथियारों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बन रहा है, जबकि कानपुर में गोला-बारूद, मिसाइल और डिफेंस टेक्सटाइल का उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तोप के गोले, स्वदेशी ड्रोन, बुलेटप्रूफ जैकेट और उन्नत संचार प्रणालियों का निर्माण किया जा रहा है। 56 प्रतिशत युवा वर्कफोर्स और 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के साथ यूपी रक्षा निर्माण के लिए मजबूत आधार तैयार कर चुका है।
सीएम योगी ने बताया कि राज्य में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप्स एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के कारण उत्तर प्रदेश ने ‘बीमारू’ छवि को पीछे छोड़ते हुए देश के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी पहचान बनाई है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बकम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की उदारता उसकी ताकत है, लेकिन इसकी रक्षा के लिए सामरिक शक्ति भी उतनी ही जरूरी है।






