देहरादून: पश्चिम बंगाल चुनाव में विपक्ष की हार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बड़ा बयान दिया है।उन्होंने कहा कि कई बार राजनीतिक नेताओं को अपने कार्यकर्ताओं और कैडर का मनोबल बनाए रखने के लिए सार्वजनिक तौर पर मजबूती के साथ अपनी बात रखनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी इसी संदर्भ में देखा और समझा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान सभी के लिए समान है और किसी भी नेता के लिए अलग नियम नहीं हो सकते। साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि पश्चिम बंगाल में विपक्ष उन मुद्दों पर जनता का समर्थन हासिल नहीं कर सका, जिन्हें वह प्रमुखता से उठाना चाहता था।
पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए केंद्रीय शक्तियों का इस्तेमाल किया गया और संवैधानिक पदों का दुरुपयोग हुआ। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है और आने वाले समय में इस पर व्यापक चिंतन की आवश्यकता है।






