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उत्तर प्रदेश में कौशल विकास की नई क्रांति: अब तैयार होंगे भविष्य के लीडर्स

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युवाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण के साथ व्यक्तित्व विकास का अवसर

उत्तर प्रदेश सरकार ने कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल की है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ग्रामीण युवाओं को केवल रोजगार योग्य बनाने तक सीमित न रखते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और नेतृत्व क्षमता से परिपूर्ण बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (DDU-GKY) के अंतर्गत संचालित सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए वर्षभर की सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर जारी किया है, इस नई व्यवस्था के तहत प्रशिक्षण केंद्रों में अब केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल से जुड़ी गतिविधियां भी अनिवार्य रूप से संचालित की जाएंगी।

क्या होगा नया?

प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को निम्नलिखित गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा:

  • पब्लिक स्पीकिंग (सार्वजनिक भाषण)
  • ग्रुप डिस्कशन
  • मॉक इंटरव्यू
  • डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम
  • खेल एवं फिटनेस प्रतियोगिताएं
  • सांस्कृतिक गतिविधियां
  • उद्यमिता कार्यशालाएं
  • नेतृत्व विकास प्रशिक्षण
  • टीम वर्क एवं संचार कौशल विकास

छह विशेष क्लब होंगे अनिवार्य

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हर आवासीय प्रशिक्षण केंद्र में निम्नलिखित छह क्लबों का गठन किया जाएगा:

  1. सांस्कृतिक क्लब

युवाओं की रचनात्मकता और सांस्कृतिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करेगा।

  1. खेल एवं फिटनेस क्लब

स्वास्थ्य, अनुशासन और टीम भावना के विकास पर केंद्रित रहेगा।

  1. डिजिटल एवं आईटी क्लब

डिजिटल कौशल और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा।

  1. साहित्य एवं भाषा क्लब

भाषाई दक्षता, लेखन और संवाद कौशल को विकसित करेगा।

  1. पर्यावरण एवं सामाजिक जागरूकता क्लब

सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा।

  1. उद्यमिता एवं करियर विकास क्लब

स्वरोजगार, स्टार्टअप और करियर अवसरों की जानकारी प्रदान करेगा।

समावेशी विकास पर विशेष जोर

इस पहल की खास बात यह है कि सभी क्लबों और गतिविधियों में महिला प्रशिक्षार्थियों की भागीदारी अनिवार्य होगी, साथ ही दिव्यांग युवाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

सरकार का उद्देश्य

मिशन निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी पाने योग्य बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा सक्षम, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना है जो बदलती वैश्विक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सके।

ग्रामीण युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण युवाओं के समग्र व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, इससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्राप्त होगा और वे बेहतर करियर अवसरों के लिए तैयार हो सकेंगे।

भविष्य की सफलता की नई कहानी

उत्तर प्रदेश के कौशल प्रशिक्षण केंद्र अब केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं रहेंगे, बल्कि ऐसे केंद्र बनेंगे जहां भविष्य के लीडर्स तैयार होंगे, आत्मविश्वास निखरेगा और सफलता की नई कहानियां लिखी जाएंगी।