सोनभद्र जिले के बीजपुर थाना क्षेत्र के नधिरा गांव स्थित मोटकी मुकुट पहाड़ी के जंगल में शनिवार सुबह एक महिला का बिखरा हुआ नरकंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। चरवाहों द्वारा जंगल के एक नाले के पास नरकंकाल देखे जाने की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में परिजनों ने कपड़ों व अन्य सामान के आधार पर उसकी पहचान 20 दिनों से लापता महिला के रूप में की।
जानकारी के अनुसार, म्योरपुर थाना क्षेत्र के झानी पाथर गांव निवासी पार्वती (32) पत्नी विनोद कुमार 10 मई को घर से म्योरपुर बाजार जाने की बात कहकर निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। काफी खोजबीन के बाद भी जब उनका कोई पता नहीं चला तो उनके पति विनोद कुमार ने 19 मई को म्योरपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शनिवार को मोटकी मुकुट पहाड़ी के जंगल में मिले नरकंकाल के पास साड़ी, चप्पल और पायल भी बरामद हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने इन सामानों के आधार पर महिला की पहचान पार्वती के रूप में की। मृतका की मां धनपतियां देवी ने पुलिस को बताया कि बरामद सामान उनकी बेटी का ही है।
पहचान होने के बाद पुलिस ने बिखरे हुए अवशेषों को एकत्र कर आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया। घटना की सूचना मिलने पर फॉरेंसिक टीम और पिपरी क्षेत्राधिकारी हर्ष पांडेय भी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बीजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नरकंकाल की पहचान करा ली गई है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महिला के घर से बाजार जाने के बाद दूरस्थ जंगल तक पहुंचने और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह फिलहाल जांच का विषय बना हुआ है। परिजनों ने घटना को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्वती अपने पीछे तीन मासूम बच्चों श्रेया (8 वर्ष), आर्या (6 वर्ष) और जया (2 वर्ष)—को छोड़ गई हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।






