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मानसून 2-3 दिन लेट, मौसम विभाग (IMD) ने दी नई अपडेट; केरल में जल्द दस्तक की संभावना

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने निर्धारित समय से 2-3 दिन की देरी से केरल पहुंच सकता है। हालांकि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और अगले कुछ दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना मजबूत है।

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Dark monsoon clouds and heavy rainfall visuals representing the delayed arrival of the Southwest Monsoon in India. The India Meteorological Department (IMD) has indicated that the monsoon may reach Kerala 2–3 days later than its normal onset date.

मानसून के आगमन में 2-3 दिन की देरी

देश के कृषि क्षेत्र और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने नई जानकारी जारी की है। विभाग के अनुसार मानसून अब अपने सामान्य समय से 2 से 3 दिन की देरी से केरल पहुंच सकता है।

आमतौर पर भारत में मानसून के आगमन की आधिकारिक तिथि 1 जून मानी जाती है, लेकिन इस वर्ष इसके आगमन में हल्की देरी देखने को मिल रही है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां लगातार अनुकूल बनी हुई हैं।

मौसम विभाग ने क्या कहा?

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए आवश्यक वायुमंडलीय परिस्थितियां मजबूत हो रही हैं। अरब सागर, लक्षद्वीप क्षेत्र, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में मौसमीय गतिविधियां तेज हुई हैं, जिससे मानसून की प्रगति को बल मिल रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून केरल में दस्तक दे सकता है।

पहले क्या था अनुमान?

इस वर्ष मानसून के आगमन को लेकर मौसम विभाग के अनुमानों में कई बार बदलाव देखने को मिला। शुरुआती पूर्वानुमानों में कहा गया था कि मानसून सामान्य तिथि से पहले, यानी 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है।

लेकिन मौसम प्रणाली में आए बदलावों और बादलों की गतिविधियों में कमी के कारण इसकी गति धीमी पड़ गई, जिससे आगमन में देरी दर्ज की गई।

कृषि और अर्थव्यवस्था के लिए अहम

भारत की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है। अच्छी वर्षा से खेती, जलाशयों के जलस्तर, पेयजल उपलब्धता और बिजली उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

मानसून की स्थिति पर किसानों, व्यापारियों और नीति निर्माताओं की लगातार नजर बनी हुई है क्योंकि इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

मौसम वैज्ञानिकों की राय

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केवल केरल और अरब सागर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं।

यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है और देश के अन्य हिस्सों में भी जल्द सक्रिय हो सकता है।