बिहार सरकार राज्य को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं उन्होंने अधिकारियों को बिहार में 11 मेगा इंडस्ट्रियल पार्क और सभी 38 जिलों में फूड पार्क स्थापित करने के निर्देश दिए, सरकार का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, उद्योगों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करना है।
मुख्यमंत्री आवास, पटना में आयोजित उद्योग विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया, बैठक में उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने राज्य में चल रही औद्योगिक परियोजनाओं, निवेश प्रस्तावों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
50 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार होगा
औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने 50 हजार एकड़ का लैंड बैंक तैयार करने का निर्देश दिया, उन्होंने जिला प्रशासन को भूमि मालिकों से समन्वय स्थापित करने तथा भूमि अधिग्रहण के दौरान उचित मुआवजा सुनिश्चित करने को कहा, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उद्योगों को समय पर भूमि उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि निवेश परियोजनाओं में किसी प्रकार की देरी न हो।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बिहार को ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, उन्होंने नियमों को सरल बनाने, अनुमोदन प्रक्रियाओं को तेज और पारदर्शी करने तथा उद्योगों को मिलने वाले प्रोत्साहन और सुविधाओं का समयबद्ध लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
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फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल और फार्मा सेक्टर पर फोकस
सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मा और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है, इन क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास की अपार संभावनाएं हैं, उन्होंने बिहार में टेक्सटाइल इंडस्ट्रियल सेंटर की स्थापना की दिशा में भी तेजी से काम करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण उद्यमिता और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया, उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को गांवों में उद्योग और व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, इसके साथ ही राज्य सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि युवा उद्यमियों को नए अवसर और बेहतर मंच उपलब्ध हो सके।
उद्योगपतियों से नियमित संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने तथा उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि बिहार में निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, बैठक में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






