बिहार का विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला इस वर्ष 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित होगा। मेले को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य इस बार मेले को पहले से अधिक भव्य, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है।
मेले के दौरान सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम से लेकर बिहार सीमा के दुम्मा तक पूरे श्रावणी मेला मार्ग को विशेष रूप से सजाया जाएगा। रास्ते में आकर्षक प्रवेश द्वार, रंग-बिरंगी रोशनी, धार्मिक सजावट और शिव मंत्रों की मधुर ध्वनि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएगी।
इस बार श्रद्धालुओं के लिए लाइट एंड साउंड शो, लेजर शो, फाउंटेन शो और ड्रोन शो जैसे आधुनिक आकर्षण भी शामिल किए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से भगवान शिव की महिमा और श्रावणी मेले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भव्य तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
कांवड़ यात्रियों के ठहरने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशाल टेंट सिटी विकसित की जा रही हैं। सुल्तानगंज, अबरखा, धौरी, गोड़ियारी, खैरा, धोबई, असरगंज, तारापुर और संग्रामपुर समेत कई प्रमुख पड़ावों पर हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। खास बात यह है कि पहली बार असरगंज में भी टेंट सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
सभी टेंट सिटी में शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, स्नानघर, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं और कांवड़ स्टैंड जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा जीविका समूह की महिलाओं द्वारा संचालित रसोई में श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था भी रहेगी।
श्रावणी मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी विशेष आयोजन किया जाएगा। उद्घाटन और समापन समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे, जबकि प्रत्येक सोमवार को विशेष सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा।
आस्था, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं के संगम के रूप में इस बार का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार अनुभव बनने की तैयारी में है।






