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सपा-BJP के सबसे बड़े विवाद वाले जिले से ओवैसी करेंगे चुनावी कैंपेन की शुरुआत

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यूपी चुनाव 2027 से पहले ओवैसी की एंट्री, 14 जून को बहराइच से करेंगे बड़ा कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है, सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं, इसी बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लेमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी यूपी की राजनीति में सक्रिय होते नजर आ रहे हैं, जानकारी के अनुसार, असदुद्दीन ओवैसी 14 जून 2026 को बहराइच में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में शामिल होंगे, इसे आगामी चुनावों के लिए उनकी राजनीतिक रणनीति की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

सपा पर साधा निशाना, AIMIM का हमला तेज

पार्टी प्रवक्ता शादाब चौहान ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी गरीबों और मजलूमों की आवाज हैं और वे लगातार सरकार की नीतियों के साथ-साथ समाजवादी पार्टी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते रहेंगे, उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के पास 111 विधायक और 37 सांसद होने के बावजूद मुस्लिम समाज के हितों की अनदेखी की जाती है। शादाब चौहान ने कहा, “मुस्लिमों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, उनके लिए कोई ठोस लड़ाई नहीं लड़ी जाती,” वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ओवैसी पर ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

मुस्लिम वोट बैंक पर नजर, बढ़ी सियासी हलचल

उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाता कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाते हैं, यही वजह है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की नजर इस वोट बैंक पर रहती है, पिछले चुनावों में AIMIM ने भी कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, हालांकि पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, इसके बावजूद असदुद्दीन ओवैसी अब एक बार फिर राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं, पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति को और मजबूत करना बताया जा रहा है।

सपा, बसपा और कांग्रेस की रणनीति

प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख दावेदार मानी जाती है, वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) और कांग्रेस भी इस वर्ग को साधने की कोशिश करती रही हैं, चुनावों से पहले ओवैसी की सक्रियता ने सियासी समीकरणों में नई हलचल पैदा कर दी है, सपा अक्सर AIMIM को लेकर चुनावी मैदान में तीखी प्रतिक्रिया देती रही है ताकि उसका कोर वोट बैंक प्रभावित न हो। हालांकि इस बार अब तक सपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

बहराइच को क्यों चुना गया?

ओवैसी के कार्यक्रम के लिए बहराइच को चुनने के पीछे भी राजनीतिक मायने देखे जा रहे हैं, बहराइच में सालार मसूद गाजी की दरगाह स्थित है, जहां पहले हर साल मेला लगता था, लेकिन पिछले दो वर्षों से अनुमति नहीं दी गई है, इस मुद्दे को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, बीजेपी और अन्य दलों के बीच पहले भी राजनीतिक बयानबाजी होती रही है। राज्य सरकार के कुछ मंत्रियों ने इस विषय को लेकर सपा पर भी निशाना साधा था।

बीजेपी का हमला

ओवैसी के बहराइच दौरे पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, पार्टी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि ओवैसी का उद्देश्य राज्य में ध्रुवीकरण करना है, लेकिन उनकी यह कोशिश सफल नहीं होगी, उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐतिहासिक मुद्दों को उठाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जनता अब इन सब बातों को समझ चुकी है।

यूपी की राजनीति में नई हलचल

ओवैसी की एंट्री से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गर्मी बढ़ती नजर आ रही है, बहराइच में होने वाला उनका कार्यक्रम आने वाले समय में राजनीतिक समीकरणों को किस दिशा में ले जाएगा, इस पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।