ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर शिक्षा जगत और छात्रों के बीच शोक की लहर है, इस मामले पर पहली बार खान सर ने प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर घटना पर गहरा दुख जताया और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
“पहले विश्वास ही नहीं हुआ”
खान सर ने कहा कि जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली तो शुरुआत में उन्हें इस पर यकीन नहीं हुआ, उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने फोन कर घटना की जानकारी दी, लेकिन उन्हें लगा कि शायद कोई गलत सूचना दे रहा है उन्होंने कहा, “जब लोगों ने लगातार खबरें और जानकारी भेजनी शुरू की, तब हमें इस घटना की गंभीरता का एहसास हुआ, कुछ समय के लिए ऐसा लगा जैसे पैरों तले जमीन खिसक गई हो।”
परिवार के प्रति जताई संवेदना
खान सर ने रौशन आनंद और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए अपने परिजन को खोना बेहद दुखद होता है, उन्होंने कहा, “ऐसी खबर सुनकर दिल बैठ जाता है, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि परिवार को इस कठिन समय में शक्ति मिले, हमारी ओर से जो भी संभव सहायता होगी, हम उसके लिए तैयार हैं।”
पुलिस से मांगा स्पष्ट बयान
खान सर ने मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि संबंधित एजेंसियों और पुलिस को जल्द से जल्द आधिकारिक बयान जारी करना चाहिए, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके, उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए, जिससे मौत के कारणों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके।
साजिश की आशंका जताई
अपने वीडियो संदेश में खान सर ने कहा कि प्रारंभिक परिस्थितियों को देखकर उन्हें लगता है कि मामले में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका हो सकती है, हालांकि उन्होंने किसी पर सीधे आरोप नहीं लगाया, लेकिन निष्पक्ष और गहन जांच की आवश्यकता पर जोर दिया, उन्होंने कहा, “मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। अगर जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।”
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल प्रिंस की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, मामले की जांच जारी है और परिजन समेत कई लोग सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं, इस बीच खान सर की प्रतिक्रिया ने इस मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है, अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आधिकारिक तथ्यों पर टिकी हुई है।






