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चंपावत में इको-टूरिज्म को बढ़ावा, लोहाघाट में बन रहा अत्याधुनिक इको अवेयरनेस सेंटर

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चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले में पर्यटन को नई पहचान देने और स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में वन विभाग ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। लोहाघाट स्थित डिग्री कॉलेज के पास वर्षों से निष्प्रयोज्य पड़े वन विभाग के रिसर्च सेंटर को अब इको अवेयरनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है।

डीएफओ अविनाश सिंह ने किया निर्माण कार्य का निरीक्षण

वन प्रभाग चंपावत के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) अविनाश सिंह ने निर्माणाधीन इको अवेयरनेस सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से खाली पड़े वन विभाग के रिसर्च सेंटर का बेहतर उपयोग करते हुए इसे आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि यह केंद्र पर्यटकों को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार का माध्यम भी बनेगा।

धन की कमी से निर्माण कार्य प्रभावित

डीएफओ अविनाश सिंह ने बताया कि परियोजना के निर्माण कार्य में धन की कमी के कारण कुछ बाधाएं आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन एवं उच्च अधिकारियों को आवश्यक धनराशि जारी करने के लिए पत्र भेजा गया है।उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य तेज गति से पूरा किया जाएगा।

पर्यटकों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

निर्माण पूरा होने के बाद इको अवेयरनेस सेंटर में पर्यटकों को कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें शामिल हैं—

  • ठहरने और भोजन की व्यवस्था
  • ट्रैकिंग रूट की सुविधा
  • देवदार के घने जंगलों के बीच नेचर ट्रेल
  • टेंट कैंपिंग की सुविधा
  • वन्यजीवों के आकर्षक पोर्ट्रेट और प्रकृति प्रदर्शनी
  • पर्यावरण जागरूकता गतिविधियां

वन विभाग के अनुसार यह केंद्र प्रकृति प्रेमियों, ट्रैकर्स और इको-टूरिज्म में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।

स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार

डीएफओ ने बताया कि इस केंद्र का संचालन स्थानीय युवाओं की भागीदारी से किया जाएगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।उन्होंने कहा कि वन विभाग का उद्देश्य केवल पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है।

आदि कैलाश यात्रियों को भी मिलेगा लाभ

डीएफओ अविनाश सिंह ने बताया कि वर्तमान में बड़ी संख्या में पर्यटक और आदि कैलाश यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु लोहाघाट में रुकते हैं। इको अवेयरनेस सेंटर शुरू होने के बाद ऐसे पर्यटकों को बेहतर आवास, प्राकृतिक वातावरण और पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।उन्होंने कहा कि इससे लोहाघाट क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

वन विभाग का उद्देश्य—पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटन विकास

वन विभाग का मानना है कि यह परियोजना चंपावत जिले को इको-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगी। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।निरीक्षण के दौरान एसडीओ वन विभाग नेहा चौधरी, रेंजर रमेश चंद जोशी तथा वन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।