राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब लगातार राजनीतिक और कानूनी रूप लेता जा रहा है, एक ओर जहां विपक्ष इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) को घेर रहा है, वहीं दूसरी ओर भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयानों ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
इस बीच, अयोध्या पुलिस की जांच तेज हो गई है और कोर्ट की अनुमति के बाद आरोपियों से जेल में आमने-सामने पूछताछ की जा रही है वहीं, 6 तारीख को होने वाली ट्रस्ट बैठक पर भी सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जिसमें ट्रस्ट से जुड़े बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान
बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा कि उन्होंने पांच साल पहले ही अयोध्या में चल रहे कथित गड़बड़झाले को समझ लिया था, उन्होंने कहा कि सुरक्षा के नाम पर राम मंदिर परिसर में इतने अधिक बैरियर लगाए गए हैं कि आम श्रद्धालु और गरीब लोग दर्शन से वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही प्रशासन को आगाह किया था कि जो व्यवस्था बनाई जा रही है वह सही नहीं है। आज राम मंदिर आम जनता से काफी हद तक कट गया है।”*
“जांच पूरी होने के बाद खोलूंगा राज”
बृजभूषण शरण सिंह ने आगे कहा कि वे इस मामले की गहराई से जानकारी रखते हैं, लेकिन फिलहाल जांच जारी होने के कारण खुलकर बयान नहीं देना चाहते, उन्होंने संकेत दिया कि जांच पूरी होने के बाद वे कई अहम खुलासे कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा, “अगर मैं अभी बोलूंगा तो मुझे खुद नुकसान हो सकता है, इस मामले के तार बहुत दूर तक जुड़े हैं और इसमें कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं।”
पुलिस जांच में तेजी, जेल में पूछताछ जारी
कानूनी मोर्चे पर अयोध्या पुलिस इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी, इसके बाद कोर्ट की विशेष अनुमति से पुलिस टीम अब अयोध्या जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद अन्य आरोपियों से भी पूछताछ कर रही है, जांच अधिकारी अलग-अलग आरोपियों से सवाल-जवाब कर रहे हैं, ताकि पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने लाई जा सके।
पुलिस की रणनीति
जांच टीम पहले सभी आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर रही है। इसके बाद सभी बयानों का मिलान किया जाएगा और फिर आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर क्रॉस-इंटरोगेशन किया जाएगा, पुलिस का मानना है कि इससे इस कथित चढ़ावा चोरी मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी और मास्टरमाइंड तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
ट्रस्ट बैठक पर टिकी नजर
इसी बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बैठक में ट्रस्ट के कुछ सदस्यों के इस्तीफे और संगठनात्मक बदलाव को लेकर बड़ा फैसला लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।






