अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी से जुड़े बयान के बाद समाजवादी पार्टी की ओर से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। सपा सांसद सनातन पांडेय ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग भगवान राम और भगवान हनुमान की आस्था का सम्मान करने का दावा करते हैं, लेकिन उनके आचरण में यह दिखाई नहीं देता।
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सनातन पांडेय ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों के दौरान धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा नेताओं को वास्तव में भगवान हनुमान के आदर्शों और हनुमान चालीसा का महत्व पता होता, तो धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों में इस तरह की घटनाएं नहीं होतीं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसी एक धर्म का नहीं, बल्कि सभी धर्मों और समुदायों का समान रूप से सम्मान करने वाला देश है।सपा सांसद ने आगे कहा कि सनातन धर्म हमेशा से सामाजिक समरसता, भाईचारे और सह-अस्तित्व का संदेश देता आया है। उनके अनुसार, जो लोग दूसरों पर जातिवाद के आरोप लगाते हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि सनातन परंपरा समाज को जोड़ने का काम करती है। उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी विचारधारा और सामाजिक सद्भाव एक-दूसरे के पूरक हैं।
क्या कहा था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो दल आज आस्था की बात करते हैं, उन्हीं के समय हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने जैसी घटनाएं हुई थीं।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ संभव है, और इसी संदर्भ में सपा व कांग्रेस से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री ने यह बयान राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में दिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या के विकास का लगातार विरोध करने वाले दल आज सवाल उठा रहे हैं, जबकि उनकी सरकार के प्रयासों से शहर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा समेत कई बड़ी विकास परियोजनाएं साकार हुई हैं।






