मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और थप्पड़ मारने की घटना को लेकर उठे विवाद के बीच एसएसपी अविनाश पांडे का नया बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से की गई पूरी कार्रवाई केवल कानून का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ थी और इसके समर्थन में पुलिस के पास पर्याप्त वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं।

सोशल मीडिया पर इस मामले को जातीय रंग दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए एसएसपी ने कहा कि भारत का संविधान सभी नागरिकों के लिए समान है। उनके अनुसार, पुलिस ने किसी जाति या समुदाय को निशाना नहीं बनाया, बल्कि केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से आवश्यक कदम उठाए।उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग बाहर से आकर माहौल बिगाड़ने या भ्रामक बातें फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। व्यक्तिगत टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि आलोचना करने वालों को समझाने का प्रयास किया जाएगा, लेकिन यदि कोई पुलिस की गरिमा को ठेस पहुंचाने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अपने संदेश के अंत में एसएसपी ने एक अलग तरह की अपील करते हुए कहा कि जो लोग उनका समर्थन करते हैं, वे वृक्षारोपण अभियान के तहत एक पौधा लगाएं और पॉलीथीन का उपयोग कम करें। वहीं, जो लोग उनसे नाराज हैं या उनका विरोध करते हैं, वे दो पौधे लगाकर समाज और पर्यावरण के हित में योगदान दें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अपनी नाराजगी को सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के बजाय सकारात्मक कार्यों में लगाएं। सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों का जिक्र करते हुए अविनाश पांडे ने कहा कि यदि किसी को पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई भ्रम या सवाल है, तो वह सीधे उनके कार्यालय आकर उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि सभी का लक्ष्य एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अनुशासित समाज का निर्माण होना चाहिए।






