देहरादून समाचार: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा के चलते पुल तक पहुंचने वाली एप्रोच रोड (Approach Road) का एक हिस्सा धंस गया है। घटना के बाद संबंधित विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और स्पष्ट किया कि पुल की मुख्य संरचना पूरी तरह सुरक्षित है तथा उसे किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची है।विभाग ने बताया कि एप्रोच रोड की मरम्मत और यातायात को जल्द से जल्द सामान्य करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है।
पुल सुरक्षित, केवल एप्रोच रोड हुई क्षतिग्रस्त
निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने बताया कि नुकसान केवल पुल तक पहुंचने वाली सड़क के हिस्से में हुआ है। पुल के पिलर, डेक और अन्य संरचनात्मक भाग पूरी तरह सुरक्षित हैं।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
उत्तराखंड में भारी बारिश के दौरान पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में अतिवृष्टि, बादल फटना और अचानक आने वाली बाढ़ के कारण समय-समय पर सड़कों और पुलों को नुकसान पहुंचता रहा है।
प्रमुख घटनाएं
- वर्ष 2008: हल्द्वानी की गौला नदी पर बने आरसीसी बाईपास पुल का हिस्सा भीषण बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुआ।
- वर्ष 2012: उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी में बादल फटने से कई मोटर और पैदल पुल बह गए। इसी वर्ष चौरास (पौड़ी गढ़वाल) में निर्माणाधीन पुल ढहने से छह श्रमिकों की मौत हुई।
- वर्ष 2013: केदारनाथ आपदा के दौरान रामबाड़ा पुल सहित अनेक पुल बह गए। इस आपदा में राज्यभर में लगभग 147 पुल और 1,300 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं।
इन घटनाओं के कारण उत्तराखंड में मानसून के दौरान पुलों और सड़कों की लगातार निगरानी की जाती है।
अफवाहों से बचें, तथ्य जानें
प्रेमनगर की वर्तमान घटना को लेकर कुछ जगहों पर यह दावा किया जा रहा है कि “पुल टूट गया”, जबकि विभाग के अनुसार यह दावा सही नहीं है।
वास्तविक स्थिति यह है कि:
- ✅ पुल की संरचना सुरक्षित है।
- ✅ केवल एप्रोच रोड का एक हिस्सा धंसा है।
- ✅ मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है।
- ✅ यातायात बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
इसलिए घटना को “पुल टूट गया” कहना तथ्यात्मक रूप से गलत है और इससे लोगों में भ्रम फैल सकता है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि—
- भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
- प्रशासन द्वारा जारी यातायात और मौसम संबंधी सलाह का पालन करें।
- किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें।
- सोशल मीडिया पर वायरल अपुष्ट दावों से सावधान रहें।






