हिन्दू पंचांग के अनुसार इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस बार की राखी विशेष योग में आने वाली है। वो इसलिए क्योंकि पंचकों में राखी का त्योहार आने वाला है। पर क्या इस बार सावन की पूर्णिमा पर भद्रा का साया रहेगा। ज्योतिष के अनुसार रक्षाबंधन पर ग्रहों की चाल कैसी रहेगी, क्या पंचकों की राशि शुभ होगी जानते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री से।
पंचकों में राखी शुभ या अशुभ (Raskhabandhan Panchak 2026)
ज्योतिष में पंचकों को वैसे तो कुछ कामों के लिए वर्जित माना जाता है। पर इन पंचकों में अगर कोई शुभ काम आ जाए तो वो बेहद शुभ मानते हैं। धार्मिक मान्यताओं के लिए इस बार अगस्त में पंचकों की शुरुआत 27 अगस्त से हो रही है। इसके दूसरे दिन यानी 28 अगस्त को रक्षाबंधन भी पंचकों में ही आएगा। ऐसे में पंचकों में शुभ काम होने पर माना जाता है कि वह बार बार होता है। इसलिए पंचकों में रक्षाबंधन शुभ माना जाएगा।
रक्षाबंधन पर कौन से शुभ योग बन रहे हैं (Rakshabandhan shubh yog)
28 अगस्त शुक्रवार को रक्षाबंधन पर विशेष योग बनेंगे। इसमें पंचक, मघा के सूर्य इस दिन को बेहद खास बना रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार मघा के सूर्य में राखि आना अच्छा होता है।
रक्षा बंधन कब है 27 या 28 अगस्त (Rakshabandhan kab hai)
हिन्दू पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ 27 अगस्त की सुबह 8:23 से हो जाएगा। इसकी समाप्ति 28 अगस्त को सुबह 9:9 मिनट पर होगी। ऐसे में पूर्णिमा उदया तिथि के अनुसार 28 अगस्त को ही मनाई जाएगी। यानी रक्षाबंधन भी 28 अगस्त को ही होगा। हालांकि व्रत की पूर्णिमा 27 अगस्त और स्नान दान और रक्षाबंधन 28 अगस्त को होगा।
क्या इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा रहेगी (Raksha Bandhan Bhadra Time)
इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है। हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार भद्रा काल 27 अगस्त को सुबह 8:18 से लेकर रात के 8:40 तक रहेगी। यानी रक्षाबंधन के एक दिन पहले भद्रा आएगी। पर रक्षाबंधन के दिन भद्रा नहीं होगी।
पूर्णिमा तिथि (Sawan shukla pakshan Purnima Tithi)
27 अगस्त को प्रारंभ : सुबह 8:23 से शुरू होगी।
28 अगस्त को समाप्त: सुबह 9:9 मिनट तक रहेगी।






