समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रहे स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र की जयंती के अवसर पर बुधवार को समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मण नेताओं का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, वरिष्ठ नेता उदय प्रताप सिंह सहित पार्टी के कई प्रमुख नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने पार्टी के चर्चित PDA फार्मूले को लेकर नई व्याख्या पेश की। उन्होंने कहा, “हमारे PDA में ‘P’ का मतलब पंडित भी है।”
अब तक समाजवादी पार्टी PDA को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के राजनीतिक गठजोड़ के रूप में प्रस्तुत करती रही है। ऐसे में ब्राह्मण सम्मेलन के मंच से अखिलेश यादव का यह बयान राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए समाजवादी पार्टी अपने सामाजिक समीकरण का विस्तार करने की रणनीति पर काम कर रही है। ब्राह्मण समाज को साधने की दिशा में अखिलेश यादव का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं ने स्वर्गीय जनेश्वर मिश्र के राजनीतिक योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी दोहराया। सम्मेलन में ब्राह्मण समाज की भागीदारी बढ़ाने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।






