लखनऊ, 11 अगस्त। राजधानी लखनऊ में साहित्य, संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने वाले चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक ओलम्पियाड ‘ओडिसी इण्टरनेशनल 2026’ का आयोजन शुरू हो गया है। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम प्रथम कैम्पस की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम 11 से 14 अगस्त तक सीएमएस कानपुर रोड ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। इसमें नेपाल समेत देश के विभिन्न प्रान्तों से आए 500 से अधिक छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं।
ओडिसी इण्टरनेशनल 2026 की इस वर्ष की थीम ‘लिटरेचर फॉर लास्टिंग अर्थ’ रखी गई है। आयोजन का उद्देश्य युवा पीढ़ी में साहित्य और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ही पर्यावरणीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागी छात्रों और टीम लीडरों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साहित्य को सामाजिक विकास, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की महत्वपूर्ण आधारशिला बताया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश-विदेश से आए प्रतिभागी छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। नेपाल के अपेक्स स्कूल से आए छात्रों ने कहा कि ओडिसी इण्टरनेशनल विभिन्न सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों को एक मंच पर लाने का अनूठा अवसर है। वहीं मदरलैण्ड इंग्लिश सेकेण्डरी बोर्डिंग स्कूल, नेपाल के छात्रों ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से उन्हें विभिन्न देशों की संस्कृति और सभ्यता को समझने का अवसर मिल रहा है। चैतन्य पाठशाला, नेपाल के छात्रों ने कहा कि वे ओडिसी इण्टरनेशनल के जरिए अपने ज्ञान का विस्तार करने के साथ ही एकता और शांति का संदेश भी आगे बढ़ाना चाहते हैं।
देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी छात्रों ने भी आयोजन को लेकर उत्साह जताया। छात्रों ने कहा कि वे प्रतियोगिताओं में पूरी ऊर्जा के साथ हिस्सा लेंगे और अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजनों से अलग-अलग क्षेत्रों और संस्कृतियों के छात्रों के बीच आपसी संवाद और भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
सीएमएस प्रबन्धक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने देश-विदेश से आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि ‘लिटरेचर फॉर लास्टिंग अर्थ’ थीम के माध्यम से युवाओं को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की रक्षा केवल वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और सुखद भविष्य की आधारशिला भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि ओडिसी इण्टरनेशनल की प्रतियोगिताएं छात्रों को विचारों के स्तर पर समृद्ध करेंगी और उनमें रचनात्मक सोच के साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेंगी।
ओडिसी इण्टरनेशनल 2026 में साहित्य, थिएटर, संगीत, नृत्य, कला, सोशल मीडिया और सामाजिक नवाचार से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इनमें थियेट्रिकल ओरेशन, हैशटैग क्रॉनिकल्स, बेबोप बोल्वार्ड, रिदम ऑफ रिन्यूअल, रिसाइक्लिंग ऑफ ए स्टोरी, सस्टेनेबल स्पेशियल नरेटिव्स, इकोवर्स, इकोप्रिन्योर्स माइंड टैंक और फ्रॉम पेज टू पैलेट जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ पर्यावरण, सामाजिक विकास और स्थायी भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी सोच रखने का अवसर मिलेगा।
ओडिसी इण्टरनेशनल 2026 की संयोजिका एवं वरिष्ठ प्रधानाचार्या निशा पाण्डेय ने प्रतिभागी छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों में चुनौतियों को स्वीकार करने की क्षमता विकसित करना है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने और रचनात्मक तरीके से समस्याओं के समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
चार दिनों तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक ओलम्पियाड छात्रों को अलग-अलग संस्कृतियों और विचारों से परिचित कराने के साथ ही साहित्य, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने का मंच प्रदान कर रहा है। आयोजकों का मानना है कि ओडिसी इण्टरनेशनल 2026 के माध्यम से युवा प्रतिभागी साहित्य और रचनात्मकता के जरिए स्थायी और बेहतर भविष्य का संदेश आगे बढ़ाएंगे।






