उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा, बायोएनर्जी, निवेश और नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में मंगलवार को इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो -2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। 11 से 13 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय एक्सपो में देश-विदेश के निवेशकों, विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, तकनीकी संस्थानों और कंपनियों की भागीदारी हो रही है। एक्सपो में 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने प्रदर्शनी स्टॉल लगाए है एक्सपो के शुभारंभ अवसर पर नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने देश-विदेश के निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स का उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निवेशक उत्तर प्रदेश में कहीं भी अपने प्लांट स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और निवेशकों के लिए सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। उन्होंने कहा, ‘आप आइए और उत्तर प्रदेश में कहीं भी अपने प्लांट लगाइए। आज आपसे कोई भी उत्तर प्रदेश में गुंडा टैक्स नहीं मांगता।’
ए.के. शर्मा ने फीता काटकर आईबीईटी एक्सपो-2026 में लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने कंपनियों की ओर से प्रदर्शित बायोएनर्जी, स्वच्छ ऊर्जा, नई तकनीक और नवाचार से जुड़े उत्पादों एवं समाधानों की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने ‘भारत बायो एनर्जी कंपास’ नामक वेबसाइट का भी शुभारंभ किया। एक्सपो में बायोएनर्जी उत्पादन, जैव ईंधन, अपशिष्ट से ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा तकनीक और आधुनिक ऊर्जा समाधानों से जुड़ी तकनीकों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार पीएम सूर्य घर योजना, सीबीजी उत्पादन और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के क्षेत्र में प्रदेश देश में अग्रणी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के साथ निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल के कारण उत्तर प्रदेश देश और दुनिया के निवेशकों के लिए भरोसेमंद गंतव्य के रूप में उभरा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बायोएनर्जी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं मौजूद हैं। प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था, गन्ना उत्पादन, कृषि अवशेष, जैविक अपशिष्ट और नगरीय ठोस कचरा बायोएनर्जी उत्पादन के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराते हैं। इन संसाधनों का वैज्ञानिक और तकनीकी इस्तेमाल कर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों, युवाओं और उद्योगों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
सरकार का जोर प्रदेश में नई ऊर्जा तकनीकों को बढ़ावा देने, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है। बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश से कृषि अवशेष और जैविक कचरे के बेहतर प्रबंधन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों की अतिरिक्त आय, ग्रामीण रोजगार, उद्यमिता और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और अपर मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. आशीष कुमार गोयल ने भी प्रदेश में बायोएनर्जी के क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं और सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स से उत्तर प्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने और बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश के लिए आगे आने का आह्वान किया। आईबीईटी एक्सपो-2026 उत्तर प्रदेश की कृषि शक्ति, जैविक संसाधनों और ऊर्जा संभावनाओं को आधुनिक तकनीक, निवेश और नवाचार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है। तीन दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन 13 अगस्त तक चलेगा और इसमें बायोएनर्जी क्षेत्र में निवेश, तकनीकी सहयोग और नई साझेदारियों की संभावनाओं को मजबूत करने पर जोर रहेगा।






