लखनऊ: बदलते भारत में डाक सेवाओं को आधुनिक, डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने नई दिल्ली से वर्चुअल माध्यम के जरिए देश के 10 राज्यों में 14 नवीनीकृत डाकघर भवनों और नई डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ और प्रयागराज को आधुनिक डाकघरों की सौगात मिली। लखनऊ मंडल में निराला नगर, इंदिरा नगर और गोमती नगर उप-डाकघरों के नवीनीकरण के बाद इन्हें जनता के लिए समर्पित किया गया। लखनऊ को इन 14 नवीनीकृत डाकघरों में सबसे ज्यादा तीन डाकघरों की सौगात मिली है।

आधुनिक सुविधाओं से बदली डाकघरों की तस्वीर
लखनऊ मंडल के तीनों उप-डाकघरों को ‘जन सेवा कनेक्ट’ की अवधारणा के तहत नया और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। यहां बेहतर कार्य वातावरण, व्यवस्थित ग्राहक सेवा क्षेत्र और नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है।
निराला नगर उप-डाकघर में आयोजित कार्यक्रम में लखनऊ उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने डाक विभाग के इस बदलाव को लेकर अपने विचार साझा किए।
भाजपा विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि डाक विभाग देश के सबसे व्यापक सेवा नेटवर्क में शामिल है और समय के साथ इसकी सेवाओं में आधुनिक तकनीक का समावेश बेहद जरूरी है। नवीनीकृत डाकघरों के जरिए नागरिकों को बेहतर वातावरण के साथ सुविधाजनक सेवाएं मिलेंगी। उन्होंने डिजिटल सेवाओं के विस्तार को बदलते भारत की जरूरत के अनुरूप महत्वपूर्ण कदम बताया।
एक छत के नीचे कई सुविधाएं
नए स्वरूप में तैयार किए गए डाकघरों में अब पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ कई अन्य नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। मेल सेवा, डाकघर बचत बैंक, बीमा, आधार पंजीकरण एवं संशोधन और पार्सल सेवा केंद्र जैसी सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

इन डाकघरों का नया डिजाइन नई दिल्ली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर द्वारा तैयार किया गया है। इसमें आधुनिकता के साथ सुगमता और समावेशिता पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि डाकघर आने वाले हर नागरिक को बेहतर और सहज अनुभव मिल सके। इंदिरा नगर उप-डाकघर में विधायक योगेश शुक्ल और गोमती नगर उप-डाकघर में विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
डिजिटल हुआ डाक विभाग
डाक विभाग अब पेपरलेस वर्क और डिजिटल सेवाओं को तेजी से बढ़ावा दे रहा है। डाक सेवा एप और डाक मित्र एप जैसी डिजिटल पहलें नागरिकों को डाक सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। डाक सेवा एप को अब तक 10 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है। इससे साफ है कि पारंपरिक डाक व्यवस्था अब डिजिटल भारत के साथ कदमताल कर रही है।
इस बदलाव को लेकर लखनऊ के पोस्टमास्टर जनरल एस.के. राय ने भी डाक विभाग की नई कार्यप्रणाली और डिजिटल सेवाओं को लेकर जानकारी साझा की।

पोस्ट मास्टर जनरल एस.के. राय ने कहा कि डाक विभाग का लक्ष्य अब सिर्फ डाक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को एक ही स्थान पर अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आधुनिक डाकघर, डिजिटल एप और नई तकनीक के जरिए सेवाओं को ज्यादा सरल, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाने पर विभाग लगातार काम कर रहा है।
परंपरा से डिजिटल सेवा केंद्र तक का सफर
देशभर में डाक विभाग का विशाल नेटवर्क आज भी उन क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाता है, जहां कई दूसरी संस्थाओं की पहुंच सीमित है। यही वजह है कि डाक विभाग अपने पारंपरिक नेटवर्क को आधुनिक सेवा वितरण प्रणाली में बदलने पर जोर दे रहा है।
लखनऊ के तीन नवीनीकृत डाकघर इसी बदलाव की तस्वीर पेश करते हैं। यहां परंपरा और तकनीक का संगम देखने को मिल रहा है, जहां केंद्र में आम नागरिक की सुविधा है। अब डाकघर केवल चिट्ठियों और पार्सल तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आधुनिक नागरिक सेवा केंद्र के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करेंगे। लखनऊ के निराला नगर, इंदिरा नगर और गोमती नगर के नवीनीकृत डाकघर इसी बदलते भारत और डिजिटल डाक व्यवस्था की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन अखंड प्रताप सिंह ने किया, इस दौरान प्रमुख रूप से अशोक यादव, निदेशक डाक सेवाएं,अनुसूया, आयुष अत्री, राम शंकर बाजपेई, अजय शुक्ला, जयराज वर्मा, अनुराग शुक्ला समेत अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
