प्राथमिकता वाले अपराध और संवेदनशील मामलों की दैनिक समीक्षा के निर्देश, फेक न्यूज पर तत्काल सत्यापन और कार्रवाई के आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए डीजीपी राजीव कृष्ण ने उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक में अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं, सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का प्रभाव दैनिक अपराध नियंत्रण में साफ दिखाई देना चाहिए। उन्होंने प्राथमिकता वाले अपराधों और संवेदनशील मामलों की जनपद, रेंज और जोन स्तर पर प्रतिदिन समीक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्राथमिकता वाले अपराधों की रोजाना होगी समीक्षा
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि गंभीर और संवेदनशील मामलों में पुलिस की कार्रवाई केवल कागजी समीक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। ऐसे मामलों की जनपद से लेकर रेंज और जोन स्तर तक दैनिक मॉनिटरिंग की जाए, ताकि अपराध नियंत्रण के साथ विवेचना की गुणवत्ता भी सुनिश्चित हो सके।
फेक न्यूज पर तत्काल सत्यापन और कानूनी कार्रवाई
बैठक में सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली फेक न्यूज और भ्रामक पोस्ट को लेकर भी डीजीपी ने सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सूचनाओं का तत्काल सत्यापन कराया जाए और तथ्य गलत पाए जाने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाए।
रक्षाबंधन और बारावफात को लेकर पुलिस विजिबिलिटी बढ़ाने के निर्देश
आगामी रक्षाबंधन और बारावफात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने प्रमुख स्थानों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
मिशन शक्ति केंद्रों को और प्रभावी बनाने पर जोर
महिला सुरक्षा को लेकर डीजीपी ने मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा और कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन शक्ति केंद्रों को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि महिलाओं से संबंधित शिकायतों और मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया अधिक प्रभावी और संवेदनशील हो।
‘यक्ष’ ऐप पर अपराधियों का अपडेटेड डाटा दर्ज करने के निर्देश
बैठक में अपराधियों के डिजिटल रिकॉर्ड को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। डीजीपी ने ‘यक्ष’ ऐप में अपराधियों का सही और अद्यतन आपराधिक डाटा दर्ज करने के निर्देश दिए, जिससे पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों और आपराधिक पृष्ठभूमि की जानकारी समय पर मिल सके।
60 और 90 दिन से लंबित विवेचनाओं पर सख्ती
डीजीपी ने लंबे समय से लंबित विवेचनाओं को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। 60 और 90 दिन से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं की विकसित पोर्टल के माध्यम से प्रतिदिन समीक्षा करने और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
अपराध नियंत्रण में जवाबदेही पर जोर
बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण के लिए केवल कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रभावी मॉनिटरिंग, समयबद्ध विवेचना और जवाबदेही भी जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
