उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और आश्रय उपलब्ध कराना है। अब तक 14,628 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि प्रदेश में बाढ़ से जनहानि और पशुहानि का आंकड़ा शून्य है।
राहत आयुक्त कार्यालय की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश के 16 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक कुल 25 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। मौजूदा समय में करीब 1.44 लाख लोग प्रभावित हैं, जबकि अब तक प्रभावित कुल आबादी का आंकड़ा 2.19 लाख से अधिक है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत कार्यों के लिए प्रदेश में 1,618 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत रखने के लिए मंगलवार को 127 मेडिकल टीमें तैनात रहीं, जबकि अब तक कुल 810 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। इन टीमों के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
राहत एवं बचाव अभियान के तहत अब तक 14,628 लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रदेश में कुल 1,281 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 75 इस समय संचालित हैं। इन शरणालयों में 2,240 लोग आश्रय ले रहे हैं।
प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। मंगलवार को 4,819 खाद्य पैकेट और 14,962 लंच पैकेट वितरित किए गए। अब तक 39,321 खाद्य पैकेट और 2.04 लाख से अधिक लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।
बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्लोरीन और ओआरएस का वितरण किया जा रहा है। मंगलवार को 7,882 क्लोरीन टैबलेट और 2,270 ओआरएस वितरित किए गए। अब तक 1,07,347 क्लोरीन टैबलेट और 45,338 ओआरएस बांटे जा चुके हैं।
योगी सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की सुरक्षा के लिए भी व्यवस्था की है। मंगलवार को पशुओं के लिए 1,282.15 क्विंटल भूसा वितरित किया गया। अब तक कुल 2,345 क्विंटल से अधिक भूसा उपलब्ध कराया जा चुका है। जलभराव वाले क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए नावों और मोटरबोट का इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्तमान में 536 नाव एवं मोटरबोट राहत अभियान में लगी हैं, जबकि अब तक कुल 1,028 नाव-मोटरबोट का उपयोग किया जा चुका है। इससे प्रभावित इलाकों तक राहत दलों और आवश्यक सामग्री पहुंचाने में तेजी आई है।
राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक बाढ़ से अब तक 208 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। मंगलवार को चार मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली। क्षतिग्रस्त मकानों के सापेक्ष अब तक 130 मामलों में सहायता वितरित की जा चुकी है।सरकार का दावा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक अमला लगातार मौके पर निगरानी बनाए हुए है। राहत शिविरों, मेडिकल टीमों, नाव-मोटरबोट और खाद्य सामग्री के जरिए प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाई जा रही है। साथ ही पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा के इंतजामों के जरिए बाढ़ के दौरान किसी भी बड़ी चुनौती से निपटने की तैयारी जारी है।
