समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सांसद पर मारपीट, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और आपराधिक धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। यह मामला अनुसूचित जाति के विशाल कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा क्रॉसिंग के पास का है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान बज रहे DJ को रोकने के बाद मौके पर विवाद और हंगामा हो गया, शिकायतकर्ता विशाल कुमार के अनुसार, इसी दौरान सांसद पप्पू निषाद अपनी गाड़ी से मौके पर पहुंचे, आरोप है कि गाड़ी की टक्कर लगने से वह गिरकर घायल हो गए, विशाल का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो सांसद, जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव और उनके समर्थकों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत में जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है, शिकायत के आधार पर बखिरा पुलिस ने सांसद पप्पू निषाद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, मामले में BNS की संबंधित धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के प्रावधान भी लगाए गए हैं।
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सांसद पप्पू निषाद ने क्या कहा?
FIR दर्ज होने के बाद सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने शिकायत को फर्जी बताया है, उनका कहना है कि उन्होंने शिकायतकर्ता विशाल कुमार से बात की है और विशाल ने स्वयं उनके खिलाफ कोई शिकायत देने से इनकार किया है, सांसद के मुताबिक, विशाल ने कहा है कि उसके नाम से दर्ज कराई गई शिकायत फर्जी है और उसे वापस लिया जाना चाहिए, निषाद ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई बीजेपी नेताओं के इशारे पर की गई है, उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के समय शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद नहीं था।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सांसद की शिकायत पर भी FIR
इस घटना को लेकर सांसद पप्पू निषाद की ओर से भी पुलिस में शिकायत दी गई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि हंगामे के दौरान उनकी गाड़ी को पथराव कर क्षतिग्रस्त किया गया, पुलिस के अनुसार, विसर्जन जुलूस के दौरान DJ रोके जाने के बाद विवाद बढ़ गया और इसी दौरान सांसद की गाड़ी भीड़ के बीच फंस गई। आरोप है कि पथराव में गाड़ी की खिड़की को नुकसान पहुंचा, सांसद की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ BNS की धारा 191(2), 110, 324(4) और 125 के तहत FIR दर्ज की है।
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किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
पुलिस के अनुसार, सांसद की शिकायत पर दर्ज FIR में BNS की निम्न धाराएं शामिल हैं:
- धारा 191(2): घातक हथियार या साधन के साथ दंगा करने से संबंधित प्रावधान।
- धारा 110: गैर-इरादतन हत्या के प्रयास से संबंधित प्रावधान।
- धारा 324(4): विशेष परिस्थितियों में नुकसान या क्षति पहुंचाने से संबंधित प्रावधान।
- धारा 125: किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्य से संबंधित प्रावधान।
वहीं, विशाल कुमार की शिकायत पर दर्ज मामले में SC/ST एक्ट के प्रावधानों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधिकारी सुशील कुमार सिंह के मुताबिक, दोनों पक्षों की शिकायतों पर FIR दर्ज कर ली गई है, पुलिस अब घटना से जुड़े आरोपों और मौके से मिले साक्ष्यों की जांच करेगी, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी, फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। FIR में किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप दर्ज होना अपने आप में आरोपों का न्यायिक रूप से सिद्ध होना नहीं है।
