छठ महापर्व को लेकर पूरे देश में आस्था और उत्साह का माहौल है। लोग अपने घरों को लौटने के लिए स्टेशन पहुंच रहे हैं, जिससे लगभग सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ आई है। लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन का भी यही हाल रहा, जहां उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जाने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं रही। टिकट खिड़कियों और प्लेटफॉर्मों पर यात्रियों की लंबी कतारें सुबह से ही दिखाई दीं।
त्योहार के मौके पर घर पहुंचने की जल्दबाज़ी में कई यात्री बिना आरक्षण के ही यात्रा करने को मजबूर नज़र आए। अधिकांश ट्रेनों में आरक्षण कई दिन पहले ही फुल हो चुका है, जबकि जनरल और स्लीपर कोचों में चढ़ने के लिए यात्रियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। रेल के कोचों के दरवाजों पर भी लंबी कतारें लगी रहीं।
छठ पर्व पर यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने किए विशेष इंतज़ाम
अनारक्षित टिकट काउंटरों और वेटिंग लिस्ट कन्फर्म कराने के लिए भी यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। लखनऊ में स्टेशन पर भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है। जीआरपी और आरपीएफ के जवान लगातार प्लेटफॉर्मों पर गश्त कर रहे हैं। साथ ही सीसीटीवी से स्टेशनों की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि छठ पूजा के चलते पिछले दो दिनों में चारबाग से करीब हजारों की संख्या में यात्री पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर रवाना हुए हैं। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त हेल्प डेस्क और घोषणा प्रणाली सक्रिय की है। इसके साथ ही कुछ लोकप्रिय रूट्स जैसे पटना, दरभंगा, मुज़फ्फरपुर और छपरा के लिए स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। यात्रियों को भीषण भीड़ और आरक्षण की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों का कहना है कि छठ पर्व पर घर पहुंचना बहुत जरूरी है।इसलिए कठिनाई के बावजूद वे सफर करने से नहीं रुक सकते। वहीं रेलवे प्रशासन का दावा है कि सभी यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।



