पुलिस मुख्यालय में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और तकनीकी नवाचारों की व्यापक समीक्षा
लखनऊ | उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर प्रदेश की पुलिसिंग व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन किया। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं में कमी और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।
पुलिस मंथन-2025 के प्रस्तावों को तेजी से लागू करने के निर्देश
डीजीपी ने हाल ही में संपन्न राज्य स्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन “पुलिस मंथन-2025” की सराहना करते हुए कहा कि सम्मेलन में सामने आए सभी सुझावों को मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अब इन प्रस्तावों को फाइलों तक सीमित न रखकर तय समयसीमा में धरातल पर उतारा जाए।
अपराधियों और माफिया के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ जारी रहे
बैठक में स्पष्ट किया गया कि मुख्यमंत्री की अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति से कोई समझौता नहीं होगा। डीजीपी ने निर्देश दिए कि चिन्हित अपराधियों, माफिया तत्वों और संगठित अपराध से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त और लगातार वैधानिक कार्रवाई की जाए। कानून-व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मिशन शक्ति केंद्रों से बदली पुलिस की छवि
महिला सुरक्षा को लेकर चल रहे मिशन शक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने कहा कि प्रदेशभर में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जागरूकता अभियानों से न सिर्फ महिलाओं में भरोसा बढ़ा है, बल्कि पुलिस और जनता के बीच संबंध भी मजबूत हुए हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि मिशन शक्ति से जुड़े सफल मॉडलों को सभी जिलों और कमिश्नरेट में लागू कर इसे और प्रभावी बनाया जाए।
Zero Fatality अभियान अब पूरे प्रदेश में
सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए चल रहे Zero Fatality District (ZFD) अभियान को लेकर भी अहम निर्णय लिए गए। पहले चरण में 20 जिलों में सफलता मिलने के बाद अब इस अभियान को प्रदेश के शेष 55 जिलों में लागू किया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि जागरूकता, तकनीकी उपाय और सख्त निगरानी के जरिए दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को न्यूनतम करने पर फोकस किया जाए।
यक्ष ऐप से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा
बैठक में यूपी पुलिस के नए “यक्ष ऐप” को लेकर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने बताया कि इस ऐप में ऑपरेशन पहचान, त्रिनेत्र और बीट प्रहरी जैसे अभियानों को एकीकृत किया गया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐप में दर्ज डाटा की जमीनी स्तर पर जांच कराई जाए, ताकि किसी भी तरह की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके।
AI तकनीक से अपराध नियंत्रण को मिलेगी रफ्तार
यक्ष ऐप में AI आधारित फेस रिकग्निशन और वॉयस सर्च जैसी सुविधाओं को प्रभावी हथियार बताते हुए डीजीपी ने कहा कि इससे अपराधों के खुलासे और रोकथाम में तेजी आएगी। इसके लिए प्रशिक्षण और फील्ड स्तर पर ऐप के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया।
पुलिस को और जवाबदेह व जनहितकारी बनाने पर जोर
बैठक के अंत में डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता, पारदर्शिता और जनता का भरोसा लगातार मजबूत होता रहे।





