लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा (फेसबुक–इंस्टाग्राम) के बीच चल रही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग व्यवस्था एक बार फिर जीवन रक्षक साबित हुई। इटावा जिले में इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ा वीडियो पोस्ट करने वाली 19 वर्षीय छात्रा की जान पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महज 5 मिनट में बचा ली गई।
इंस्टाग्राम वीडियो से मचा हड़कंप
मंगलवार को इटावा के थाना उसराहार क्षेत्र की रहने वाली करीब 19 वर्षीय छात्रा ने अपने घर की छत पर लगे पंखे से दुपट्टा बांधकर फांसी लगाने की कोशिश करते हुए एक भावनात्मक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। वीडियो में लिखा गया था—
“कभी इसकी जान हुआ करते थे, आज मेरी शक्ल से नफरत”।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही मेटा कंपनी के सिस्टम में हाई-रिस्क अलर्ट के रूप में चिन्हित हो गया।
मेटा का अलर्ट, पुलिस मुख्यालय तुरंत सक्रिय
वीडियो पोस्ट होते ही 01:39 बजे मेटा कंपनी की ओर से उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से अलर्ट भेजा गया।
अलर्ट मिलते ही पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया।
DGP के निर्देश पर शुरू हुई तत्काल कार्रवाई
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने अलर्ट में उपलब्ध मोबाइल नंबर और लोकेशन के आधार पर छात्रा की पहचान कर जनपद इटावा पुलिस को तत्काल सूचना दी।
5 मिनट में घर पहुंची पुलिस, टूट गया मौत का इरादा
मुख्यालय से मिली सूचना के आधार पर थाना उसराहार के थानाध्यक्ष, उपनिरीक्षक, महिला आरक्षी सहित पुलिस टीम महज 5 मिनट के भीतर छात्रा के घर पहुंच गई।
परिजनों को स्थिति की जानकारी देते हुए पुलिस सीधे छात्रा के कमरे की ओर पहुंची। दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल होने पर देखा गया कि छात्रा फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास कर रही थी।
तत्काल फंदा हटाकर बचाई गई जान
पुलिस कर्मियों ने बिना देरी किए छात्रा के गले से फंदा हटाया और उसे नीचे उतारा। परिजनों की मदद से घरेलू प्राथमिक उपचार दिया गया, जिससे छात्रा की हालत स्थिर हो गई।
पूछताछ में सामने आई आत्महत्या की वजह
सामान्य होने पर छात्रा से बातचीत की गई। उसने बताया कि वह इंटरमीडिएट पास है और घर पर रहती है।
छात्रा ने बताया कि वह एक युवक से प्रेम करती है और उससे विवाह करना चाहती है, लेकिन परिजन उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी अन्य युवक से विवाह तय कर रहे थे। इसी कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव और अवसाद में थी।
काउंसलिंग के बाद छात्रा ने दिया आश्वासन
स्थानीय पुलिस ने छात्रा की काउंसलिंग की और परिवार को भी संवेदनशीलता से समझाया। छात्रा ने भविष्य में इस तरह का कदम न उठाने का आश्वासन दिया।
परिजनों ने पुलिस का जताया आभार
छात्रा के परिजनों ने इटावा पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय रवैये की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त किया।
सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से अब तक 1855 जिंदगियां बचीं
गौरतलब है कि वर्ष 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच चली आ रही इस व्यवस्था के तहत
1 जनवरी 2023 से 10 जनवरी 2026 तक आत्महत्या से जुड़े पोस्ट पर मिले अलर्ट के आधार पर 1855 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि तकनीक, संवेदनशील पुलिसिंग और त्वरित कार्रवाई मिलकर कई जिंदगियों को अंधेरे में जाने से बचा सकती है।




