Home Crime KGMU मजार नोटिस पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली का ऐतराज़, बोले–...

KGMU मजार नोटिस पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली का ऐतराज़, बोले– हटाने की कार्रवाई गलत और अनुचित

63
0

केजीएमयू परिसर में स्थित मजार को लेकर जारी नोटिस पर उठे सवाल

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में मौजूद मजार को हटाने के लिए जारी किए गए नोटिस को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य और इस्लामिक स्कॉलर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कड़ा ऐतराज़ जताया है। उन्होंने नोटिस को तथ्यों से परे बताते हुए इसे पूरी तरह गलत करार दिया।

मजार के समय न केजीएमयू था, न अनुमति देने वाली कोई अथॉरिटी

मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि नोटिस में यह दावा किया गया है कि मजार बिना अनुमति के बनाई गई, जबकि यह तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस समय यह मजार स्थापित की गई थी, उस समय न तो केजीएमयू का अस्तित्व था और न ही कोई ऐसा विभाग मौजूद था, जहां से निर्माण की अनुमति ली जा सके।
उन्होंने कहा कि यह मजार सैकड़ों वर्ष पुरानी है, जबकि केजीएमयू की स्थापना बहुत बाद में हुई। ऐसे में वर्तमान प्रशासन द्वारा अनुमति का सवाल उठाना तर्कसंगत नहीं है।

मजार केवल मुस्लिमों की नहीं, सभी श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी

मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि यह मजार केवल मुस्लिम समुदाय की आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां बड़ी संख्या में गैर-मुस्लिम श्रद्धालु भी आते हैं। उन्होंने इसे लखनऊ की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक बताया।
उनका कहना था कि इस तरह के नोटिस शहर की साझा सांस्कृतिक विरासत और आपसी सौहार्द के खिलाफ हैं।

नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग

मौलाना खालिद रशीद ने प्रशासन से मांग की कि मजार को हटाने से संबंधित नोटिस को तुरंत वापस लिया जाए। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि मजार को हटाने या उसके खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।

KGMU मजार मामला फिर चर्चा में

केजीएमयू परिसर में स्थित मजार को लेकर जारी नोटिस के बाद यह मामला एक बार फिर धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस विवाद पर क्या रुख अपनाया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here