उत्तराखंड विधानसभा के हाल ही में संपन्न हुए बजट सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से विधानसभा सत्र की अवधि सीमित रखी जा रही है, जिससे प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में पर्याप्त चर्चा नहीं हो पा रही है।
देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठकों में लगातार विधानसभा सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की जाती रही है, ताकि सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठा सकें।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण विषय पिछले सत्रों से लंबित हैं, लेकिन उन पर सदन में चर्चा का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। आर्य का कहना है कि इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना प्रभावित होती है और जनहित के मुद्दे सदन में नहीं उठ पाते।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि कई मौकों पर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों को नियमों के तहत स्वीकार नहीं किया गया, जिससे सदन में गतिरोध की स्थिति बनी रही। उन्होंने प्रदेश में भ्रष्टाचार और जमीन से जुड़े कुछ मामलों को लेकर भी सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की





