कांग्रेस पार्टी ने काशीराम की जयंती के अवसर पर लखनऊ में एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका नाम “सामाजिक परिवर्तन दिवस” रखा गया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने काशीराम के योगदान को याद किया और कहा कि अगर पंडित नेहरू आज जीवित होते, तो काशीराम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते।माना जा रहा जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, कांग्रेस दलित वोटरों को साधने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।
कांग्रेस के इस कार्यक्रम को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से कांग्रेस पर कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने केंद्र की सत्ता में रहते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर का सम्मान नहीं किया और उन्हें ‘भारतरत्न’ की उपाधि से नवाजा नहीं। ऐसे में सवाल है कि अब कांग्रेस काशीराम का सम्मान कैसे कर सकती है।
आगे उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने केंद्र में रहते हुए काशीराम के निधन पर एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया, और उस समय यूपी सरकार ने भी राजकीय शोक नहीं मनाया। विभिन्न पार्टियाँ काशीराम द्वारा बनाई गई बीएसपी को कमजोर करने के लिए लगातार रणनीतियाँ अपनाती रही हैं। मायावती ने समर्थकों को सजग रहने की चेतावनी दी” अंत में उन्होंने आह्वान किया हैँ कि “15 मार्च 2026 को काशीराम की जयंती पर बीएसपी के सभी कार्यक्रम पूरे देश में सफल बनाना आवश्यक है”
कुल मिलाकर काशीराम की जयंती पर कांग्रेस द्वारा आयोजित “सामाजिक परिवर्तन दिवस” कार्यक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। , तो वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कांग्रेस की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।



