उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। अखिलेश यादव ने 29मार्च को नोएडा के दादरी में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए अपने चुनावी अभियान का आगाज किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की मौजूदा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए
अखिलेश यादव के इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने सोशल मीडिया अकॉउंट पर एक पोस्ट कर कर समाजवादी पार्टी पर जोरदार पलटवार किया।और लिखा कि “सत्ता की भूख में तिलमिलाते हुए कुछ लोग समानता और भाईचारे का चोला ओढ़कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता आज भी समाजवादी पार्टी के शासनकाल को “अराजकता का काल” मानती है और उस दौर की यादें लोगों के मन में जिंदा हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि सपा के शासन में तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा मिला और गुंडागर्दी व्यवस्था का हिस्सा बन गई थी। पंकज चौधरी ने ‘लाल टोपी’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह उस दौर की याद दिलाती है जब कानून व्यवस्था कमजोर थी और अपराधियों का बोलबाला था।
अपने बयान में उन्होंने यह भी कहा कि अब प्रदेश की जनता जागरूक हो चुकी है और बेहतर कानून व्यवस्था व विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि 2027 का विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के लिए निर्णायक साबित होगा और जनता इस बार उन्हें सत्ता से पूरी तरह बाहर कर देगी। सपा की रैली के बाद जिस तरह बयानबाजी तेज हुई है, उससे साफ है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति और अधिक गरमाने वाली है।






