पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता चम्पाई सोरेन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया है।
बांकुड़ा में जनसभा को किया संबोधित
चम्पाई सोरेन ने मंगलवार (14 अप्रैल) को बांकुड़ा जिले के रायपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी मोहन हांसदा के समर्थन में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, इस दौरान उन्होंने TMC को “आदिवासी विरोधी” बताते हुए तीखा हमला बोला, उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा ने एक साधारण परिवार से आने वाली महिला द्रौपदी मुर्मू को देश का पहला आदिवासी राष्ट्रपति बनाया, लेकिन पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान उनका अपमान किया गया।
भ्रष्टाचार और विकास पर उठाए सवाल
चम्पाई सोरेन ने TMC सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए जनता से सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की उन्होंने कहा कि वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद राज्य में अपेक्षित विकास नहीं हुआ है, उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रायपुर विधानसभा क्षेत्र में 140 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क की हालत खराब है, जो कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
केंद्र की योजनाओं को रोकने का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार जानबूझकर केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं कर रही है, उन्होंने विशेष रूप से आयुष्मान भारत योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकता है, लेकिन राज्य में इसे लागू नहीं किया गया।
आदिवासी मुद्दों को लेकर सियासत तेज
चम्पाई सोरेन ने दावा किया कि केंद्र की सरकार ने आदिवासियों, मूलवासियों और भूमिपुत्रों के हित में लगातार काम किया है, जबकि TMC सरकार पर उन्होंने “घुसपैठियों को प्राथमिकता देने” का आरोप लगाया, उन्होंने ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण के लिए भाजपा को समर्थन देने की अपील की।
सियासी माहौल गरमाया
इस जनसभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जिससे क्षेत्र में भाजपा के बढ़ते जनसमर्थन के संकेत मिले हैं, चम्पाई सोरेन के इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति और गर्म हो गई है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर सियासी घमासान तेज होने की संभावना है।






